Home उत्तराखंड UTU रजिस्ट्रार डॉ. अनीता ने USERC निदेशक का भी कार्यभार ग्रहण किया

UTU रजिस्ट्रार डॉ. अनीता ने USERC निदेशक का भी कार्यभार ग्रहण किया

0
9

B-Tech हटाने का बिल पास होने के बाद फिर संभालेंगी विवि का भी कामकाज

VC से ठनी हुई है:सरकार का है साथ

Chetan Gurung

UTU के कुलपति डॉ. नरेंद्र चौधरी के साथ जबर्दस्त दो-दो हाथ के बाद रजिस्ट्रार डॉ. अनीता रावत ने मंगलवार को उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (USERC) के भी निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा संभाल लिया। सरकार B-Tech की बाध्यता को यूटीयू के रजिस्ट्रार के लिए हटा चुकी है। ऐसे में उनका कुछ दिनों बाद उस पद पर भी फिर से काम करना तय है।

डॉ. अनीता की कुलपति चौधरी से इस कदर ठनी हुई है कि दोनों एक-दूसरे से जब तक मजबूरी न हो बात करना तो दूर, मिलना तक पसंद नहीं करते हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों एक-दूसरे की भेजी फाइलों को या तो स्वीकार ही नहीं करते हैं या फिर उस पर नेगेटिव रिमार्क ही लिखने की कोशिश करते हैं। डॉ. अनीता के B-Tech न होने को कुलपति ने मुद्दा बना दिया था। यहाँ तक की उनको प्रतिनियुक्ति खत्म होने के नाम पर जबरन कार्यमुक्त करने की कोशिशें भी हुईं। उनका वेतन महीनों तक रोका गया।

चौधरी तब इस जंग में जीतते हुए दिखाई दिए जब डॉ. अनीता के खिलाफ हाई कोर्ट ने आदेश पास किया कि वह रजिस्ट्रार का कामकाज नहीं करेगी। इसकी वजह B-Tech वाला मुद्दा ही था। डॉ. अनीता को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के करीबियों में शुमार किया जाता है। उनके पति जगमोहन सिंह राणा संघ के प्रमुख लोगों में शुमार होते हैं। CM ने डॉ. अनीता को कार्यमुक्त नहीं किया। सिर्फ उनको कामकाज से दूर रखा। इस बीच सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों के लिए जो Umbrella Act बनाया, उसमें UTU रजिस्ट्रार की योग्यताओं में शामल B-Tech को हटा दिया।

इसके साथ ही ये तय हो गया कि डॉ. अनीता अब रजिस्ट्रार के तौर पर भी कामकाज में वापसी करेगी। कैबिनेट में ये Act पास होने के बाद अब विधानसभा के 23 से 25 सितंबर तक चलने वाले सत्र में इसको पेश कर पास कराया जाएगा। इसके बाद इसका शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। इस बीच सरकार ने डॉ. अनीता को USERC के निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा भी दे के साबित कर दिया कि वह आखिर किसके साथ है। डॉ. अनीता ने आज निदेशक का भी कार्यभार ग्रहण कर लिया।

उन्होंने कहा कि ये जिम्मा उनका अतिरिक्त के तौर पर है। ये तय है कि जब वह फिर से रजिस्ट्रार का कामकाज संभालेंगी, कुलपति और उनके चहेतों के साथ उनकी जंग नए सिरे से और ज्यादा तेज होगी, ऐसा माना जा रहा है। उन कर्मचारियों पर भी इस बार गाज गिरेगी जो उपनल के जरिये यूटीयू में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन साथ ही क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड में भी मोटी तनख्वाह में नौकरी कर रहे हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

You cannot copy content of this page