नागरिक उड्डयन मंत्री पुरी को लिखा खत:हेलीपैड तैयार:शुरू हो सकती उड़ान

लंबे समय से एयरक्राफ्ट-हेलिकॉप्टर सेवा ठप्प:राज्य सरकार भी नहीं दिखा रही दिलचस्पी

Chetan Gurung

केंद्र और उत्तराखंड में सत्ता संभाले बैठी BJP के ही नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने राज्य में एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर सेवाओं को जल्द शुरू करने की गुजारिश के साथ केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी खत लिखा है। भट्ट ने खत में इंगित किया है कि ये सेवाएँ ठप्प न होने से लोगों में आक्रोश-निराशा होना स्वाभाविक है।

BJP MP Ajay Bhatt

कोरोना शुरू होने से पहले से कुछ स्थानों पर सेवाएँ रुक गई थीं। फिर Lock Down ने पूरी तरह आसार खत्म कर दिए। अब UnLock-4 तक बात आ चुकी है। इसके बावजूद इन सेवाओं को शुरू करने की दिशा में बहुत कोशिशें किसी भी स्तर पर तेज नहीं दिख रही है। इससे वाकई लोग सरकार से खुश नहीं हैं। केंद्र की मोदी और राज्य की त्रिवेन्द्र सरकार की लोगों को सड़क-रेल-हवाई मार्ग से आने-जाने के लिए प्रेरित करने-अर्थव्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिशों को भी धक्का लग रहा है।  

भट्ट ने पुरी से कहा है कि भारत सरकार की घोषणाओं के मुताबिक विमान-हेलिकॉप्टर सेवाएँ या तो शुरू ही नहीं हुई या फिर शुरू हो के बंद हो गई। इसके चलते लोगों में नाराजगी है। पहाड़ों की खराब भौगोलिक दशा के कारण ये सुविधा शुरू की गई थीं। बारिश के मौसम में यूं भी सड़क मार्ग बहुत खराब हो जाते हैं। ऐसे में हवाई सेवाएँ ही बेहतर और इकलौता विकल्प है। पहाड़ों में सभी जगह हेलीपैड भी पूरी तरह तैयार हैं। उन स्थानों पर हवाई सेवाएँ तत्काल शुरू की जा सकती हैं। उन्होंने 9 सेवाओं के नाम भी खत में दिए हैं।

इनमें देहरादून-गौचर, देहरादून-चिन्यालीसौण, हल्द्वानी-हरिद्वार-और देहरादून-हल्द्वानी,हल्द्वानी-धारचूला-हल्द्वानी, पंतनगर-नैनीताल-पंतनगर, पंतनगर-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ (सभी हेली), पंतनगर-पिथौरागढ़ (एयरक्राफ्ट), देहरादून-पिथौरागढ़ (एयरक्राफ्ट), हिंडन-पिथौरागढ़ (एयरक्राफ्ट) रूट शामिल हैं। उत्तराखंड की अर्थ व्यवस्था को ये उड़ानें बहुत हद तक प्रभावित कर रही हैं। भारत सरकार की उड़ान योजना के अंग इन सेवाओं से दो फायदे हो रहे थे। स्थानीय लोगों का कारोबार उछल रहा था। पर्यटकों-श्रद्धालुओं को सस्ती दरों पर हवाई सेवाओं का लुत्फ और आराम मिल रहा था।

विडम्बना ये रही कि इस बार केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवाओं को शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने टेंडर मंगाए तो उसमें घपलों का पिटारा खुल गया। CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर जांच बिठा दी है। पिथौरागढ़-देहरादून और पिथौरागढ़-हिंडन विमान सेवा भी शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। विमान पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी पर खड़ा है। सूत्रों के मुताबिक सेवा प्रदाता Heritage Aviation का पिछला बकाया सरकार पर बाकी है। कंपनी को केदारनाथ टेंडर से भी बाहर किए जाने को ले कर विवाद उठा हुआ है। इसके कारण भी कंपनी विमान सेवा शुरू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। इस मामले में हेरिटेज के CEO रोहित माथुर और सचिव (नागरिक उड्डयन) दिलीप जावलकर के अपने-अपने तर्क हैं।

रोहित का कहना है कि सरकार ने उनकी कंपनी को जान बूझ के बाहर किया। अगर कोई पैसा उनकी कंपनी ने सरकार को देना है तो कंपनी को जो पैसा सरकार ने देना है, वह काट के बता दिया जाता। फिर जिन कंपनियों को टेंडर दिए गए हैं, उनके ऊपर भी सरकार के बकाए हैं। उनको क्यों टेंडर में शामिल कर लिया गया? हेरिटेज को बाहर करने की वजह तो बकाए को ही बताया गया है। जावलकर के मुताबिक हेरिटेज उकाडा (उड़ान संचालन की जिम्मेदार प्राधिकरण) के भुगतान करने में हीला-हवाली कर रहा था।

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