बाराहोती में आते-जाते रहने का है चीनी फ़ौजियों का ट्रैक रेकॉर्ड

खुफिया एजेंसियों-फौज के कान खड़े!

Chetan Gurung

चीनी फौज की धमक अब उत्तराखंड के चमोली से सटी सरहद पर भी हो गई। 12 सितंबर को उसकी घुसपैठ होने और घंटों भारतीय सीमा में जमे रहने के बाद लौट जाने की खुफिया रिपोर्ट से भारत सरकार-सेना-ITBP-खुफिया एजेंसियों के साथ ही राज्य सरकार भी अतिरिक्त रूप से सतर्क हो गई है।

संवेदनशील होने की वजह से इस खबर की पुष्टि करने को आला अफसर राजी नहीं हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक ये घटना रिमखिम और एक अन्य भारतीय इलाके में हुई। चीनी सैनिक 25-30 की तादाद में घुसे। सुबह नौ बजे के करीब वे घुस आए थे, ऐसा बताया जा रहा है। वे दोपहर 2 बजे के आसपास लौटे। सशस्त्र चीनी सैनिक पहाड़ी इलाका होने के कारण घोड़ों पर आए थे।

इस मामले में चमोली की DM स्वाति भदौरिया और शासन तथा पुलिस के अफसरों से भी संपर्क किया गया। कोई भी इस मामले में कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। चीन जिस तरह देश के सभी भारतीय हिस्सों में घुसने की फिराक में है या घुसने की कोशिश कर रहा है, उसको देखते हुए उत्तराखंड में भी उसकी घुसपैठ या इसकी कोशिश कोई चौंकाती नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक घुसपैठ के दौरान ये नहीं पता चला कि क्या ITBP (चीन से सटी सरहद की हिफाजत का जिम्मा उसके ही पास है) और चीनियों के बीच कोई गरमा-गर्मी भी हुई या दोनों का आमना-सामना ही नहीं हुआ। चीनियों की चमोली में घुसपैठ होते रहने का लंबा इतिहास है। बाराहोती में वे साल में दर्जनों बार आम दिनों में भी घुस आते हैं। यहाँ वे सिगरेट-माचिस के खाली डिब्बे और अन्य बेकार की चीनी वस्तुएँ फेंक या छोड़ जाते हैं।

इसकी वजह सिर्फ ये जाहिर करना होता है कि ये उनका इलाका है। यहाँ वे सामान्य तौर पर आते रहते हैं। चीनी फौज की ताजा घुसपैठ की भनक से भारतीय फौज और केंद्र-राज्य सरकारें भी अतिरिक्त सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ वक्त पहले हालात का जायजा लेने खुद DM स्वाति और SP ITBP चेक पोस्ट तक गई थीं। वहाँ उन्होंने जवानों का हौसला भी बढ़ाया। चीन-भारत तनाव उत्तराखंड के लिहाज से काफी अहम है। यहाँ चीन का बहुत बड़ा भू-भाग सटा हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here