सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन वाला जिला है हरिद्वार:करोड़ों जुटेंगे तो क्या होगा अंजाम?

CS ने वक्त पर निर्माण कार्य और अन्य बंदोबस्त पूरे करने की दी हिदायत

Chetan Gurung

देवभूमि में दुनिया को हिला के रख देने वाली महामारी अपने खूनी डैने फैलाती जा रही है। ऐसे में अगले साल की शुरुआत में हरिद्वार में कुम्भ मेला शानदार कराने की सरकार की जिद कहीं बेहद भारी न पड़ जाए। खुद शासन के अफसरों और अन्य लोगों का मानना है कि कोरोना अगर अगले दो महीने में भी काबू में नहीं होता है तो फिर इस आयोजन को सांकेतिक या छोटे आकार में अंजाम दिया जाना अधिक बुद्धिमता भरा फैसला कहा जाएगा। खास तौर पर ये देखते हुए कि हरिद्वार में कोरोना का कहर बहुत ज्यादा होता जा रहा है। वहाँ सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन हैं।

कुम्भ मेले के आयोजन पर देहरादून में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने तैयारी बैठक आला अफसरों के साथ की।

केंद्र और त्रिवेन्द्र सरकार का रुख देख के कहीं से नहीं लग रहा है कि वे कुम्भ के आयोजन के मामले में कोरोना के घातक असर के बारे में भी सोच रहे हैं। सरकार की पूरी कोशिश इसको शानदार और सफल ढंग से अंजाम देने की ही दिखाई दे रही है। अरबों रुपए इस पर अभी तक खर्च हो चुके हैं। और अरबों खर्च होने हैं। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मंगलवार को सचिवालय में कुम्भ मेला-2021 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने मेले के निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, कोविड-19 से लड़ने की तैयारी पूरी रखने, जरूरी बुनियादी सुविधाओं तथा आवश्यक सामग्रियों की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर की पौड़ी में कांगड़ा घाट का कार्य 15 नवम्बर, 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए। सीवरलाईन, पेयजल लाईन, विद्युत लाईन आदि के लिए सम्बन्धित विभागों से समन्वय बनाते हुए पूर्व नियोजित तरीके से कार्य किए जाएं। आस्था पथ पर बाढ़ सुरक्षा कार्य को नदी में पानी का स्तर कम होते ही शुरू करें। काँवड़ पटरी में पक्कीकरण का कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण कर लिया जाए। 5 अस्थाई पुलों के निर्माण को प्राथमिकता पर लें। निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक प्रत्येक स्थिति में पूर्ण कर लिया जाए।

ओमप्रकाश ने निर्देश दिए कि कुम्भ मेले के लिए प्रस्तावित बस स्टैंड का कार्य भी तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। इसके लिए वन विभाग की क्लीयरेंस भी ले ली जाए। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला-2021 के आयोजन के लिए कम समय रह गया है। समय पर कार्य खत्म करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। डाम कोठी का जीर्णोद्धार भी वक्त पर हो। चिकित्सकों एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती समय पर सुनिश्चित किए जाए। इसके लिए 500 बेड की व्यवस्था रखी जाए। साथ ही पेशेंट केयर एवं टेस्टिंग की भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं।

उन्होंने कुम्भ मेला-2021 के लिए आवश्यक स्टाफ, मेला अधिकारी, उप मेला अधिकारी, सूचना अधिकारी, पुलिस फोर्स एवं होम गार्ड की तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में सड़क, घाट, पार्किंग, शौचालय, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी. बैठक में प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन, सचिव आर के सुधांशु, शैलेश बगोली, नीतेश झा, राधिका झा, सौजन्या भी उपस्थित थीं।

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