आशीष जोशी को अभी और इंतजार करना होगा

Chetan Gurung

शासन ने आखिर लंबे समय से खाली चल रहे सचिव सचिन कुर्वे को आबकारी महकमा सौंप दिया। प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन को और हल्का कर दिया गया है। आबकारी से पहले खनन महकमा भी उनसे हटाया जा चुका है। सचिव आशीष जोशी को अभी लगता है काम के लिए और इंतजार करना होगा।

आशीष जोशी:काम का इंतजार

अपर सचिव कैप्टेन आलोक शेखर तिवारी को ऊर्जा का भी जिम्मा दिया गया है। उनके पास उरेडा और शिक्षा महकमे थे। सचिन को उत्तराखंड आए काफी वक्त हो गया था। इसके बावजूद उनको कोई महकमा नहीं दिया जाना चर्चाओं को जन्म देने लगा था। उनको आबकारी महकमा दिया तो गया है, लेकिन लॉक डाउन और कोरोना के कारण इस महकमे में तय राजस्व को हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती हो चुकी है।

आनंदबर्द्धन अकेले प्रमुख सचिव हैं। उनके पास उच्च शिक्षा-वन और पर्यावरण, IDC और CPD-जलागम रह गए हैं। कुछ दिनों पहले खनन भी उनको ही दिया गया था। उनके इनकार करने पर इसे सचिव आरके सुधांशु को दिया गया। इसके साथ ही आलोक शेखर को अतिरिक्त के तौर पर ऊर्जा दिया गया है। ये बात और है कि कार्मिक महकमे की ढिलाई के कारण उनको अभी तक प्रभारी सचिव नहीं बनाया गया है। उनकी वरिष्ठता के मुताबिक वह अब तक प्रभारी सचिव हो जाने चाहिए थे। उनको बैच आवंटन में जूनियर बैच दिया गया है।

आज के छोटे से फेरबदल में भी सचिव आशीष जोशी को महकमा नहीं दिया गया है। जोशी भारत सरकार जाना चाहते हैं, लेकिन उनको इसमें अभी वक्त लग सकता है। अभी NoC ही नहीं मिली है। ऐसे में उनको कुछ वक्त तो उत्तराखंड में ही काम करते हुए गुज़ारना होगा। ऐसे में उनको इतने दिनों बाद भी महकमा नहीं दिया जाना, अफसर को बेजा करना साबित हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अगले फेरबदल में शायद कुछ ऐसे अफसरों को काम बढ़ाए जाएंगे, जिनके पास बहुत कम काम है।   

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