दून उद्योग व्यापार मण्डल का फैसला:अगले 3 शनिवार-इतवार बंद रहेगा बाजार

बाकी दिन शाम 7 बजे शटर डाउन:अर्थ व्यवस्था बचाने की केंद्र-राज्य की कोशिशों को झटका

Chetan Gurung

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कोरोना काल में ध्वस्त हो गई अर्थ व्यवस्था को उठाने के लिए तमाम कोशिशों में उलझे हुए हैं। इसके लिए वे UNLOCK-4 भी सामने ले आए। देहरादून के प्रमुख कारोबारियों को लगता है नरेंद्र-त्रिवेन्द्र का फैसला रास नहीं आया। दून उद्योग व व्यापार मंडल की बैनर के नीचे उन्होंने तय किया कि वे अगले 3 शनिवार और इतवार को बाजार पूरी तरह बंद रखेंगे। बाकी दिनों में भी बाजार शाम 7 बजे ही बंद कर दिए जाएंगे।

बड़े कारोबारियों के संगठन के इस फैसले से कई मँझोले-छोटे कारोबारी बेहद नाखुश और परेशान हो गए हैं। उनकी बामुश्किल उठ रही दुकानदारी इस अजीबोगरीब फैसले से फिर नीचे बैठ जाने की आशंका उनको सता रही है। उनका मानना है कि बड़े कारोबारियों को स्वघोषित लॉक डाउन से फर्क नहीं पड़ेगा। संकट तो उनके सामने आएगा जो रोजाना कमाते हैं और उससे घर चलाते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि ये फैसला केंद्र और राज्य सरकार की बाजार उठाने और कारोबार को फिर रंगत देने की कोशिशों को जमीन से चिपका देगा। Lock Donw और राजस्व शून्य हो जाने के साथ ही कोरोना केसों के न थमने और लगातार सुरसा के मुख की तरह फैल जाने के बाद मोदी-त्रिवेन्द्र सरकार ने बाज़ारों को पूर्व की तरह खोलने का फैसला किया है।

Lock Down का ही नतीजा है कि केंद्र और राज्य सरकारों का खजाना खाली जैसा है। सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए भी उनके पास पैसा नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार ने कर्ज उठाया है। केंद्र की हालत इस कदर पतली है कि उसने अन्य राज्यों के साथ ही उत्तराखंड सरकार के GST का पैसा भी नहीं दिया है। जो 22 सौ करोड़ है। अब फिर देहरादून का कारोबार हफ्ते में दो दिन पूरी तरह ठप्प रहेगा और बाकी दिनों में बाजार 2 घंटे पहले बंद हो जाएगा तो राजस्व अर्जन में मोदी-त्रिवेन्द्र सरकार को फिर भारी झटका तय है।

केंद्र सरकार का गुजारा भी राज्यों से आने वाले GST से ही चलता है। बाजार ही कम खुलेंगे तो GST आएगा कहाँ से। अचंभा इस पर है कि व्यापार मण्डल में अधिकांश ओहदेदार बीजेपी से नाता रखते हैं। कई तो BJP में ओहदा रखते हैं या फिर संभाल चुके हैं। इसके बावजूद वे PM-CM के ईरादों को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं। BJP से ताल्लुक रखने वाले Mayor सुनील उनियाल गामा ने भी कारोबारियों को बंदी में सहयोग का वादा किया। ऐसा दावा खुद कारोबारी कर रहे हैं। उन्होंने तो मुख्यमंत्री रावत और DM-SSP (DIG) को ले के भी दावा किया कि वे उनकी इस मुहिम में मदद करेंगे।

उनके मुताबिक तीनों ने व्यापार मण्डल की पहल का स्वागत किया। मण्डल से जुड़े कारोबारियों ने मेयर से उनके निगम कार्यालय में मुलाक़ात की। महापौर ने आश्वस्त किया कि हफ्ते में 2 दिन का समय मिलने से शहर के सभी बाजारों को अच्छे से सेनीटाइज किया जा सकेगा। देहरादून के महापौर से मुलाकात के दौरान दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक अनिल गोयल,  कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महामंत्री सुनील मेसौन एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीडी अरोड़ा मौजूद थे।

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