सिर्फ सिकंद लैब पर रोक लगाई:बाकी लैब चल रही:Amit Negi (स्वस्थ्य सचिव)

जिसके पास भी NABL मान्यता है, वे चल रहीं:प्रशासन की कोई रोक नहीं:DM-डॉ. आशीष

Chetan Gurung

देहरादून की कई प्राइवेट लैब ने Antigen Tests करने बंद कर दिए हैं। `News Space’ ने कई लैब से फोन पर संपर्क कर टेस्ट कराने की बात की। सभी ने ये कहते हुए टेस्ट करने से मना कर दिया कि उनके यहाँ टेस्ट बंद कर दिए गए हैं। चिकित्सा-स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी ने `News Space' के पूछे जाने पर इस बात से इनकार किया कि सरकार ने किसी भी वाजिब लैब को Antigen टेस्ट करने से रोका है। DM डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने भी कहा-NABL मान्यता के बगैर चलने वाले लैब पर जरूर रोक लगाई गई है। बाकी किसी को टेस्ट से रोका नहीं गया है।

Amit Singh Negi (Secretary-Health)

देहरादून में कोरोना इस कदर रफ्तार पकड़े हुए है कि क्या प्रशासन और क्या सरकार, सभी की पेशानी पर बुरी तरह बल पड़ गए हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर वह कौन सा हथियार हो सकता है, जो इस महामारी की रफ्तार पर थोड़ा ही सही लेकिन ब्रेक लगा सके। लॉक डाउन से ले के सेनिटाइजेशन सरीखा हर तरीका अख़्तियार किया जा चुका है। इसके बावजूद कोरोना है कि मान कर शांत बैठने को राजी नहीं है।

DM-Dehradun:Dr. Asheesh Shriwastav

RT-PCR के साथ ही Antigen test भी चलने से पॉज़िटिव की तादाद खूब बढ़ती जा रही थी। पिछले कुछ दिनों से Antigen टेस्ट कई लैब ने बंद कर दिए हैं। Indian Medical Association के महासचिव डॉ. दीपक धर चौधरी ने `News Space’ से कहा, `उनके पास ऐसी सूचनाएँ आ रही हैं कि Antigen test अब नहीं हो रहे हैं। ये सस्ता भी पड़ता था। साथ ही RT-PCR टेस्ट पर पड़ रहे दबाव को कम भी कर रहा था’।

उनके अनुसार ये टेस्ट अगर वाकई बंद हो गए हैं तो सरकार को चाहिए कि ऐसे संकट काल में इन लैब को फिर चालू कराए। उन्होंने कहा कि सरकार को पॉज़िटिव केस से बिल्कुल नहीं घबराना या परेशान नहीं होना चाहिए। पॉज़िटिव केस पकड़ में आएंगे तो कोरोना को काबू में करने की कोशिश सफल होगी। अगर टेस्ट कम होने से पॉज़िटिव केस सामने नहीं आएंगे तो पॉज़िटिव लोग घूम-घूम के लोगों को कोरोना का जहरीला-जानलेवा वाइरस फैला देंगे।

`News Space’ ने फोन पर आज गोयल-मेट्रो-सिकंद-आरना-वेलमेड में संपर्क कर जानना चाहा कि क्या वे Antigen test कर सकते हैं? सभी ने यही कहा कि वे पहले ये टेस्ट करते थे, लेकिन अब बंद कर दिया गया है। ऐसा क्यों किया? ये पूछने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सरकार की तरफ से मना किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक अब RT-PCR टेस्ट ही हो रहे हैं। इससे इस टेस्ट को करने वाले आहूजा पैथोलॉजी लैब पर बेहद दबाव आ गया है। Antigen test जब तक चलते रहे, दबाव उस पर कुछ कम था।

सूत्रों के मुताबिक डॉ. आहूजा पर दोहरा दबाव है। पॉज़िटिव ज्यादा आने पर सरकार के खफा हो जाने की आशंका है। टेस्ट की तादाद नहीं बढ़ाते हैं तो डॉक्टरों और प्राइवेट अस्पतालों के नाराज हो जाने का डर है। सभी अस्पताल-डॉक्टर अपने मरीजों के ईलाज से पहले कोरोना टेस्ट (RT-PCR) जरूर करा रहे हैं। ये टेस्ट नहीं होते हैं तो उनका कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित होता है। सचिव (चिकित्सा-स्वास्थ्य) अमित सिंह नेगी ने हालांकि `News Space’ से कहा-`हमारी जानकारी के अनुसार 19 सरकारी और प्राइवेट लैब में Antigen Tests हो रहे हैं। NABL की मान्यता न होने के कारण सिकंद लैब पर टेस्ट न करने का प्रतिबंध लगाया है’।

नेगी ने कहा-`बाकी लैब भी अगर टेस्ट नहीं कर रहे हैं तो इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। सरकार की तरफ से कोई प्रतिबंध किसी भी लैब पर नहीं लगाया गया है’। DM डॉ. आशीष के अनुसार कई लैब बिना NABL मान्यता के चल रहे थे। इससे प्रशासन के पास टेस्ट कराने वाले मरीजों की एकदम सही रिपोर्ट नहीं आ रही थी। इसी किस्म के लैब बंद कराए गए हैं। वे National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories की मान्यता ले आते हैं तो टेस्ट्स शुरू कर सकते हैं।

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