मंगल के दिन मंगल के संकेत:सिर्फ 338 केस मिले:उत्तराखंड फॉर्मूला-मॉडल बेहतर!  

शाबास अल्मोड़ा:लगातार चौथे दिन Zero पॉज़िटिव केस:डबलिंग रेट भी बेहतर हुआ

Chetan Gurung

दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी महामारी-विपदा कोरोना से संघर्ष में केंद्र सरकार ने अनलॉक सीरीज चला के हथियार डाल दिए हैं। बिना पॉज़िटिव नतीजे के। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सरकार ने इसके उलट लगता है जैसे-तैसे कोरोना को काबू करना शुरू कर दिया है। बीच में एकाध दिन भले कोरोना का वाइरस घातक दिख रहा। हकीकत ये है कि आम तौर पर पिछले कई दिनों से इसको बांध के रखने में उत्तराखंड फॉर्मूला-मॉडल कामयाब साबित हुआ है। मंगलवार के दिन मंगल सूचना आई। सिर्फ 338 पॉज़िटिव केस मिले। मौतों का आंकड़ा भी 8 पर अटक गया।

त्रिवेन्द्र सरकार ने कोरोना से जंग में आम लोगों पर ही भरोसा करते हुए उनको ही योद्धा बना दिया है। उनको छूटें पूरी दे दीं। वे घूम-फिर सकते हैं। नौकरियों में जा सकते हैं। कारोबार खुल के कर सकते हैं। बाजार-चार धाम यात्रा-पर्यटन-होटल खोल दिए। अर्थ व्यवस्था इससे वापिस फार्म में आने की कोशिश करती दिखाई देने लगी है। ये तय करने का जिम्मा सरकार ने आम लोगों पर ही डाल सा दिया है कि उनको मौत और महामारी के मुंह में खुद जाना है या फिर उसको दूर रखना चाहते हैं। सरकार के इस कदम का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है।

देवभूमि के लोगों ने खुद ही तय कर लिया है कि वे हर मुमकिन कोशिश करेंगे कि सोशल डिस्टेन्सिंग को अपनाएँगे। मास्क का नियमित इस्तेमाल करेंगे। सेनिटाइजर को जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनाएँगे। अधिक से अधिक दफ्तरी काम घर के सुरक्षित माहौल से अंजाम देंगे। इसका ही लाभ सरकार की आंकड़ों को बेहतर करने में और लोगों को बेहतर सुरक्षित माहौल देने में मिल रहा है। ये बात दीगर है कि ये सुर भी उठ रहे हैं कि कम पॉज़िटिव आंकड़ों के पीछे गिरती टेस्टिंग है। एंटीजेन टेस्ट लैब अब बहुत कम तादाद में काम कर रही हैं। RT-PCR टेस्ट भी क्षमता से कम किए जा रहे हैं।

चार धाम दर्शन भी खोल दिए गए हैं।

आरोपों को दरकिनार किया जाए तो सुधरते आंकड़ों से सरकार और आम लोगों को हौसला मिल रहा है। उनका आत्म विश्वास बढ़ रहा। ठीक होने वालों की तादाद नए मरीजों की तुलना में बहुत अधिक है। डबलिंग रेट (61.05 दिन) होना बहुत उत्साहवर्द्धक कहा जा सकता है। 52329 केस फिलहाल राज्य भर में हैं। 42968 लोग ठीक हो गए हैं। आज 8 मरीजों की मृत्यु हुई। मौतों का आंकड़ा अब 677 हो गया है। 8414 एक्टिव केस राज्य में बचे हुए हैं। सबसे बेहतरीन नतीजे देने में अल्मोड़ा अब लगातार आगे है। इस खूबसूरत पहाड़ी जिले में एक बार फिर कोरोना केसों के ब्रेकेट में शून्य दिखाई दिया।

देहरादून (123) फिर शीर्ष पर रहा। अच्छी बात ये है कि इसका पॉज़िटिव आंकड़ा गिर के बहुत नीचे आ रहा है। सबसे ज्यादा (2611) एक्टिव केस भी देहरादून में हैं। मंगलवार को 2-2 मरीजों की मौतें सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी-सिनर्जी अस्पताल देहरादून-AIIMS ऋषिकेश में हुईं। महंत इंद्रेश अस्पताल और दून मेडिकल कॉलेज में 1-1 कोरोना मरीजों ने जिंदगी का सफर पूरा कर लिया। एक बार फिर अधिक उम्र के मरीजों के लिए कोविड-19 बहुत भारी साबित हुआ। 6 मृतकों की उम्र 60 साल से अधिक थी।

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