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पहाड़ों में Covid-19 अधिक जानलेवा नहीं:मैदानों में बरसा रहा मौत:24 घंटे में 15 मौतें

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पॉज़िटिव केस 549 ही मिले:183 के आंकड़े के साथ देहरादून सबसे आगे

Chetan Gurung

मैदानी जिलों में Covid-19 मौत का जरिया बन रहा लेकिन पहाड़ों ने उसको काफी मजबूती से थामा हुआ है। चमोली के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है कि वहाँ अभी तक किसी की भी मौत कोरोना के कारण नहीं हुई है। शुक्रवार को 549 पॉज़िटिव केस सामने आए। 15 मरीजों की मौत हो गई।

देहरादून में सबसे अधिक 183 पॉज़िटिव केस मिले। अब तक राजधानी में 15827 केस मिल चुके हैं। ये सबसे ज्यादा आंकड़ा है। मौतें भी सबसे अधिक (449) हुई हैं। नैनीताल में 86 और चमोली में 73 केस 24 घंटे में सामने आए। खास बात ये है कि मौतों के मामले में पहाड़ के जिलों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। मैदान के मुक़ाबले वहाँ कम केस हैं तो मौतें भी बहुत कम हुई हैं। हालांकि लॉक डाउन के बाद पहाड़ लौटने वालों की तादाद अच्छी-ख़ासी रही।

मौतों के मामलों में देहरादून के बाद नैनीताल (131), हरिद्वार (108) और उधम सिंह नगर (80) हैं। पहाड़ों में चमोली ऐसा जिला है जहां एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। अल्मोड़ा (8), बागेश्वर (5), चंपावत (5), पौड़ी (22), पिथौरागढ़ (5) रुद्रप्रयाग (2), टिहरी (5), उत्तरकाशी (9) में मौतों का आंकड़ा अभी भी दो अंकों तक नहीं पहुँच पाया है।

डबलिंग रेट (92.16 दिन) प्रदेश का बहुत सुधर गया है। 524 आज ठीक हुए। अब तक 50155 लोग ठीक हो चुके हैं। 57042 लोग अभी तक कोविड पॉज़िटिव हुए हैं। 87.93 फीसदी रिकवरी रेट हो गया है। जो अच्छा कहा जा सकता है। 16767 नमूनों के लैब में लंबित होने से अंगुली उठ रही है कि सरकार टेस्ट के नतीजे तेजी से पेश नहीं कर पा रही है। सबसे ज्यादा एक्टिव केस देहरादून (1753) में हैं।  

मौतों के आंकड़ों के मुताबिक महंत इंद्रेश मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा 5, कैलाश अस्पताल देहरादून में 4, मेडिसिटी अस्पताल रुद्रपुर में 2, दून मेडिकल कॉलेज में 2, AIIMS ऋषिकेश और हिमालयन इंस्टीट्यूट अस्पताल में 1-1 कोरोना मरीज ने जिंदगी की आखिरी सांस ली। इनमें 8 महिलाएं थीं। 12 मरीजों की उम्र 50 साल से ज्यादा थी। एक महिला मरीज की उम्र 93 साल थीं।  

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