अस्पताल छिपाए बैठे थे या कुछ और किस्सा! आज सिर्फ 6 मौतें लेकिन कोरोना केस 606 सामने आए

Chetan Gurung

ये बहुत हैरतनाक और सनसनीखेज कहा जा सकता है। 89 कोरोना मौतों का रेकॉर्ड कई बड़े अस्पताल अपने पास दबाए बैठे थे। शनिवार को इनका खुलासा खुद सरकार ने ये कहते हुए किया कि अस्पतालों ने अब अपडेट किया। सबसे ज्यादा 28 मौतों का हिसाब कैलाश अस्पताल देहरादून में दबा निकला। आज covid-19 से मौतें तो 6 ही हुईं लेकिन केस पिछली कुछ दिनों के मुक़ाबले ज्यादा 606 सामने आए।

मौतों का पुराना आंकड़ा जुड़ जाने से अब उत्तराखंड में मौतों की तादाद भी एकदम उछाल मार के 924 पर पहुँच गया। कैलाश के अलावा महंत इंद्रेश मेडिकल कॉलेज में 24, दून मेडिकल कॉलेज में 21, 2-2-2 मैक्स अस्पताल देहरादून, मैक्सवेल अस्पताल हरिद्वार और विनय अस्पताल रूड़की से, 3 जिला अस्पताल रुद्रपुर में कोरोना मौतें दबी हुई थीं। अब देहरादून में हुई मौतों का आंकड़ा 530 हो गया है।

आज सिर्फ 6 मौतें हुईं। हिमालयन अस्पताल देहरादून और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 2 ने अंतिम सांस ली। 1-1 मैक्स देहरादून और AIIMS ऋषिकेश में हुईं। राज्य में कंटेनमेंट जोन भी सिर्फ 80 रह गए हैं। देहरादून में 32, उत्तरकाशी में 24 और हरिद्वार में 11 जोन रह गए हैं। 57648 अब तक राज्य में पॉज़िटिव पाए गए हैं। 50820 ठीक हो गए हैं। रिकवरी रेट 88.16 फीसदी हो गया है।

इस बात पर हैरानी हो रही है कि आखिर इतनी सारी मौतों का आंकड़ा अस्पताल क्यों और कैसे अपने पास लिए बैठे थे। इसके पीछे कोई मजबूरी थी या कोई और वजह? सरकार को सवालों से बचाना इसका मकसद था या फिर खुद की प्रतिष्ठा-छवि को बचाना वजह थी। सरकार ने इन सवालों का जवाब देने के बजाए सिर्फ इतना कहा कि अस्पतालों ने रेकॉर्ड अपडेट कर दिए हैं। इससे कोरोना से जुड़े हेल्थ बुलेटिन पर भी सवाल उठ गए हैं।

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