सबसे प्रभावशाली नौकरशाह तो राधिका झा हैं:उनको ही छोड़ दिया:मीनाक्षी सुंदरम का नुक्सान अधिक-फायदा कम

Chetan Gurung  

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर सर्वे रिपोर्ट में खामी नहीं

India Today की सर्वे रिपोर्ट में CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सरकार-बीजेपी में रुतबेदार-जोरदार करार दिया है। इसमें कोई अगर-मगर नहीं लेकिन मुख्य सचिव ओमप्रकाश को सबसे प्रभावशाली नौकरशाह करार दिया जाना जाहिर करता है कि देश के इस बड़े मीडिया ग्रुप से सर्वे में कहीं कुछ कमी रह गई। हकीकत ये है कि युवा नौकरशाह राधिका झा इस वक्त उत्तराखंड की सबसे रसूखदार नौकरशाह हैं। CM की सबसे विश्वासपात्र-शक्तिशाली हैं। उनकी बात या आदेश काटने का माद्दा किसी में कम से कम आज तो नहीं है।

राधिका झा:मुख्यमंत्री की सचिव और असल में सबसे शक्तिशाली नौकरशाह हैं

त्रिवेन्द्र पर मीडिया ग्रुप ने ये तो सटीक कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ताकतवर गृह मंत्री अमित शाह के लाडले हैं। जो भी फैसला करते हैं खुद करते हैं। ओमप्रकाश के बारे में लगता है वह चूक कर गया। सर्वे रिपोर्ट का ऐलान करने से पहले उत्तराखंड नौकरशाही का DNA ढंग से पहचान नहीं पाया। जो फिलहाल कई छोटे-छोटे धड़ों में बंट चुका है। इसमें कोई शक नहीं कि मुख्य सचिव बनने से एकाध साल पहले तक ओमप्रकाश अकेले ऐसे नौकरशाह थे, जिनका मौजूदा राज में जलवा था। उनका कहा पत्थर की लकीर होता था। भारत सरकार से प्रतिनियुक्ति के बाद राधिका लौटीं तो परिदृश्य तेजी से बदल गया।

आरके सुधांशु:किसी दबाव में नहीं आते

ताजा सूरते हाल ये है कि मुख्यमंत्री की सचिव राधिका का कोई मुक़ाबला रसूख के मामले में नहीं हैं। उनके पास ऊर्जा सरीखा महकमा है। उनके पति नितेश झा के पास गृह और पेयजल-सिंचाई सरीखी अहम महकमे हैं। 2002 बैच के पति-पत्नी पर मुख्यमंत्री मौजूदा दौर में सबसे अधिक भरोसा करते हैं। एक वक्त के उनके सबसे भरोसेमंद ओमप्रकाश आज भी भले उनके करीबी हैं। फिर भी हकीकत ये है कि राधिका ने अपनी कार्य शैली-तेज तर्रारी से सरकार के मुखिया का सबसे अधिक विश्वास जीत लिया है। ये कहा जाए कि वह किसी भी महकमे के बारे में राय देती हैं तो उसको सरकार में गंभीरता से सुना और माना जाता है।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम:तारीफ कहीं नुक्सान न कर दे

ऐसा कहा जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपाई के खानदान से भी उनका नाता है। उत्तराखंड के नौकरशाहों में राधिका को सबसे अधिक प्रभावशाली कहा जाए तो अतिश्योक्ति कहीं से नहीं होगी। जो हैसियत कभी बीजेपी राज के दौरान सीएम बीसीके खंडूड़ी के सचिव प्रभात कुमार सारंगी या फिर मुख्य सचिव रहे एम रामचंद्रन की होती थी, राधिका उससे भी ऊपर हो चुकी हैं। खुद मुख्यमंत्री मानते हैं कि इस महिला नौकरशाह में क्षमताओं के साथ ही अपने बात किसी के भी सामने बेहिचक-बेधड़क रखने की कुव्वत है। जो बहुत जरूरी है। अन्य नौकरशाहों में ये खूबी नहीं है।

ये बात अलग है कि एकाध नौकरशाह ऐसे भी हैं जो किसी लॉबी विशेष में नहीं हैं। आरके सुधांशु लंबे समय तक सिस्टम से दरकिनार रहे लेकिन आज वह भी अपनी अलग हैसियत रख रहे। उनके पास PWD-खनन-राज्य संपत्ति जैसा महकमा है। उनको अपने अंदाज में काम करने वाले नौकरशाहों में शुमार किया जाता है। उनके बारे में आज ही कहा जा सकता है कि वह उन चंद नौकरशाहों में हैं, जिनका मुख्य सचिव बनना तय है। 1990 बैच की मनीषा पँवार के बाद सुधांशु (1997 बैच) सबसे वरिष्ठ हैं। लालरिनलई फैनई भी उनके बैच के हैं लेकिन उनसे जूनियर हैं। इस बैच के बाद सीधे 1999 बैच वाले अमित नेगी हैं।  

इंडिया टुडे ने मीनाक्षी सुंदरम को करामाती नौकरशाह का दर्जा दिया है। इसमें संदेह नहीं कि नई पीढ़ी के नौकरशाहों में उनको बेहद सुलझे और समझदार के साथ ही शांत दिमाग वाला माना जा सकता है। उन्होंने शिक्षा महकमे में काफी अच्छा काम किया है। इसके बावजूद उनकी अधिक तारीफ उनका नुक्सान कर सकती है। शिक्षा जैसे झंझटी महकमे से कोई भी नौकरशाह जल्द से जल्द मुक्ति पाना-फारिग होना पसंद करते हैं। उनकी इस महकमे में कामयाबी की तारीफ मीनाक्षी के लिए इस सूरत में भी भारी हो सकता है कि कहीं सरकार उनको ही इस महकमे के लिए सबसे उपयुक्त मान स्थाई किस्म का शिक्षा सचिव न बना दे।

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