CMO की चेतावनी-बिना मंजूरी टेस्टिंग पर कार्रवाई:शाम 6 तक 512 केस

Chetan Gurung

देवभूमि में क्या कोरोना वाइरस ने कुछ हफ्ते शांति से गुजारने के बाद फिर वापसी कर ली है? खास तौर पर त्यौहारों और Unlock-5 के बाद जनजीवन सामान्य सा दिखने लगा तो केस भी फिर बढ़ने लगे हैं। आज फिर 512 केस सामने आए। दूसरी तरफ टेस्टिंग पर फिर बन्दिशें शुरू हो गई हैं। अब कारखानों-स्कूलों-कॉलेजों या फिर संस्थानों के लोगों की टेस्टिंग बिना मंजूरी के किए जाने पर लैब के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। देहरादून के CMO की तरफ से जारी इस आदेश को केस दबाने की कोशिश भी माना जा रहा है। देहरादून में आज कोरोना ने लंबे वक्त के बाद Double Century (204) मारी।

सरकार भले कोरोना केसों में कमी का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत ये है कि तमाम एंटीजेन टेस्ट लैब बंद हो चुके हैं। RT-PCR टेस्ट बहुत कम हो गए हैं। दबी जुबान में ये कहा जा रहा है कि सरकार नहीं चाहती कि टेस्टिंग बढ़े। इस आरोप को एक बार फिर बल शुक्रवार को मिला। देहरादून के CMO की तरफ से सरकारी अस्पतालों के CMS-MS-निजी अस्पतालों-RT-PCR-Antigen Test लैब स्वामियों को आदेश जारी कर कहा गया है कि वे कारखानों-स्कूलों-कॉलेजों-संस्थानों के व्यापक रूप से कोई भी टेस्ट बिना प्रशासन (जिला सर्विलान्स अधिकारी) की मंजूरी के नहीं करेंगे।

ये भी चेतावनी दी गई है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर उत्तराखंड महामारी एक्ट और IPC के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। लैब से जुड़े डॉक्टर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस आदेश पर हैरानी जताई है। डॉक्टरों के मुताबिक हर उस मरीज का पूरा रेकॉर्ड सरकार को हाथों हाथ दे दिया जाता है, जिसका टेस्ट किया जाता है। मंजूरी लेने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है। ताजा आदेश सिर्फ डॉक्टरों का उत्पीड़न-समस्या बढ़ाएगा। साथ ही कोरोना टेस्टिंग को प्रति लैब और अस्पतालों को और हतोत्साहित करेगा। IMA के प्रदेश सचिव डॉ. दीपक धर चौधरी के मुताबिक सरकार को वो कदम उठाने चाहिए, जो टेस्टिंग को बढ़ाए न कि उसको सीमित करे।

सूत्रों के मुताबिक कई IAS और IPS अफसरों के साथ ही खुद दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। लोगों में भय न फैले, इसलिए ये बातें अब बाहर नहीं आने दी जा रही हैं। कई IAS अफसरों से खुद `News Space’ ने बात की। उन्होंने पुष्टि की कि तमाम सतर्कताओं के बावजूद उनको कोरोना हो गया। हालांकि, वे अब ठीक हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में Observer बन के गए एक IAS अफसर भी वहाँ जाते ही कोरोना के शिकार हो गए थे।

`News Space’ ने उत्तराखंड के आधुनिकतम और सबसे बड़े पैथोलॉजी लैब के स्वामी डॉ. आलोक आहूजा से संपर्क किया तो उन्होंने ये तो बताया कि उन्होंने टेस्टिंग दुगुनी कर दी है, लेकिन जब जानकारी ढंग से ली तो पता चला कि लैब की टेस्टिंग क्षमता 800 रोजाना की है। हफ्ते में सिर्फ 6 दिन ही टेस्टिंग कर रहे। पहले 7 दिन करते थे। इस बारे में उन्होंने कुछ भी कारण बताने से इन्कार कर दिया। देहरादून प्रशासन ने भी फिर से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

बिना मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बाहर से राजधानी आने वालों का आशा रोड़ी पर फिर से पूरा हिसाब-किताब लिया जा रहा है। आज AIIMS ऋषिकेश में एक 16 साल के किशोर की कोरोना से मौत हो गई। बाकी जिन 4 अन्य की मौत कोरोना से हुई, उनकी उम्र 75-63-74-78 साल थी। देहरादून में सबसे ज्यादा 1157 एक्टिव केस हैं। राज्य में अब तक 70205 कोरोना केस सामने आए हैं। 64939 ठीक हुए हैं। 1138 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। 17685 केस लैब में नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

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