टेस्टिंग बढ़ाएँ DM:मौतों की दर कम करने की कोशिश करें

Chetan Gurung  

देश में अभी कोरोना वैक्सीन के आने का भले कोई अंदाज नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अफसरों को हिदायत दी कि वे वैक्सीनेशन की तैयारी पूरी रखे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उन्होंने आज जिलाधिकारियों को वैक्सीनेशन सेंटर चिहनित करने और आवश्यक उपकरणों के साथ ही मेनपॉवर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों के बजाए अस्पतालों एवं उसके आस पास क्षेत्रों में वैक्सिनेशन सेन्टर स्थापित करने को कहा।

अपने आवास में मण्डलायुक्तों-जिलाधिकारियों के साथ कोविड-19 से बचाव संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सचिव (स्वास्थ्य) Dr.Pankaj Pandey से सरकारी एवं निजी लैब में प्रतिदिन हो रहे टेस्ट एवं उनकी क्षमता के बारे में भी पूरी रिपोर्ट तलब की। कोविड डेथ रेट को कम करने के लिए विशेष प्रयास करने की भी जरूरत जताई। कोविड के कारण मृत्यु के शिकार लोगों के किसी अन्य रोग से ग्रसित होने, देरी से अस्पताल में पहुंचने या अन्य किस कारण के बारे में पूरा विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी कोविड के मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाना है, तो इसमें बिल्कुल भी विलम्ब न किया जाए। रिकवरी रेट बढ़ाने के लिए और प्रयासों की जरूरत जताई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि टेस्टिंग और तेजी से बढ़ाई जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि व्यक्ति सिम्पटोमैटिक है, तो उनका शत प्रतिशत आरटीपीसीआर हो। सैंपल लेने के बाद शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे के अन्दर व पर्वतीय क्षेत्रों में 48 घण्टे के अन्दर लोगों को कोविड की रिपोर्ट मिल जाए।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर कोविड कन्ट्रोल रूम एवं ट्रोल फ्री नम्बर पर कॉल करें। जो लोग होम आईसोलेशन में हैं, उनके नियमित स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम विजिट करे। कोविड के लक्षण पाए जाने पर भी टेस्ट कराने से मना करने वालों पर सख्ती बरती जाए। कोरोना वैक्सीन आने तक पूरी सर्तकता बरती जाए। अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों का पूरा ध्यान रखा जाए। अस्पतालों की नियमित रूप से मोनिटरिंग की जाए।

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