Home उत्तराखंड CM साहब देखिएगा जरा:आपकी मेहनत पर पानी फेर वोट न काट दें...

CM साहब देखिएगा जरा:आपकी मेहनत पर पानी फेर वोट न काट दें HRDA के अफ़सरान

0
30

इंद्रलोक आवासीय योजना में 15 साल बाद अचानक रख-रखाव शुल्क वसूलने में जुटे

देखभाल भी नहीं करता प्राधिकरण;Covid काल में इसको सिर्फ लूट कहते हैं  

Chetan Gurung

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत न तो ढंग से सो रहे न आराम कर रहे। पूरा दिन-हफ्ता दौरों-विकास योजनाओं को बनाते, बन चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करते गुजार रहे। रात्रि विश्राम अन्य जिलों में कर रहे। विधानसभा चुनाव अगली बार कठिन होने की संभावना सभी जता रहे हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री एक-एक वोट को अपने पाले में लाने के लिए जी-जान लगा रहे। ऐसे दौर में हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण उनकी मेहनत पर पानी फेरने में उतर गया लगता है। हरिद्वार के ज्वालापुर में 15 साल पहले हाउसिंग कॉलोनी विकसित कर बेचने के बाद अब अचानक वह रिहाईश कर रहे लोगों से मोटी वसूली बतौर रख रखाव कर रहा है। लोगों को नोटिस दे चुका है। कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। जाहिर है लोगों में सरकार को ले के जबर्दस्त गुस्सा-असंतोष है।

नोटिस में धम्की दी गई है कि तय तिथि तक रख-रखाव शुल्क जमा न किया गया तो वसूली की कार्रवाई उत्तराखंड नगर और ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम-1973 की धारा-40 के अंतर्गत की जाएगी। प्राधिकरण की इस कार्रवाई पर अंगुली उठाने की कई वजह हैं। सबसे बड़ा तो ये कि कालोनी साल 2006 में विकसित की गई थी। उसी साल बेच भी दी गई। कॉलोनी के लोगों के मुताबिक उस समय ना तो ऐसा कोई चार्ज था, और ना कोई ऐसा चार्ज लगाने की कोई घोषणा या बात की गई थी। न ही इस बारे में कोई अंदेशे का संकेत दिया गया था कि भविष्य में ऐसा कुछ भी मुमकिन है।

कालोनी बेचने के नौ साल बाद (वर्ष 2015) में शायद प्राधिकरण ने खुद ही इस किस्म के चार्ज का फैसला किया होगा। इसकी भी भनक तक खरीदारों को नहीं दी गई एक किस्म से चार्ज चोरी-छिपे लगाया गया। कोढ़ पर खाज ये कि अब ये बताया जा रहा है कि ये शुल्क छह साल पहले ही लगा दिया था। मतलब अब छह साल का टैक्स जमा करो। जो बहुत मोटी रकम बन रही। कॉलोनी वासियों को इस शुल्क पर इसलिए भी घनघोर एतराज है कि प्राधिकरण कोई रख रखाव करता ही नहीं है। कॉलोनी डेवलप करके बेची। सड़क, सीवर सब तो इसका हिस्सा होंगे ही। ये बनाने ही थे। सीवर लाईन बिछाई है, लोगों ने कनेक्शन भी लिए।

सूरते हाल ये है कि सीवर को आज तक  कहीं किसी मेन लाईन से नहीं  जोड़ा गया। जब सीवर लाईन  भर जाती है, तो  अपनी गलती छिपाने के लिये हर बार गंगा प्रदूषण वालों से उसे खाली करा दिया जाता है। जो नोटिस भेजा गया है, वो डाक से 10 फरवरी को पोस्ट किया गया है। 15 फरवरी पैसे जमा करने की अंतिम तिथि तय करते हुए। गज़ब हाल है ये है कि कोविड  काल में सब राहत दे रहे हैं। HRDA अवैध किस्म की नई वसूली शुरु कर रहा है। मुख्यमंत्री की सारी दौड़-धूप इस किस्म के फैसलों से पानी में जा भी सकती है। ऐसे तुगलकी फैसलों को कोई भी बर्दाश्त शायद ही करेगा।  

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

You cannot copy content of this page