Chetan Gurung

उत्तराखंड में कोरोना के मामले शनिवार को सिर्फ 13 मिले। 13 को अशुभ माना जाता है लेकिन इतने कम कोरोना केस मिलने से ये कहा जा सकता है कि कम से कम देवभूमि के लिए ये छोटी सी संख्या शुभ है। एक बात और। कोई मौत इस महामारी के कारण नहीं हुई। जिस किस्म से पिछले कई हफ्तों से कोरोना के आंकड़े धड़ाम हो चुके हैं, उसको देख के ये दावा किया जा सकता है कि देवभूमि में इस महामारी ने घुटने टेक दिए। या फिर लोगों और सरकार ने मिल के उसको शिकस्त दे डाली है।

एक और बात अहम ये है कि कोरोना से कोई मौत आज नहीं हुई। देश के कई राज्यों में अभी भी कोरोना का असर बना हुआ है। महाराष्ट्र में तो कई स्थानों पर फिर से लॉक डाउन की नौबत है। उत्तराखंड में इसके विपरीत कोरोना लगातार खत्म होता जा रहा है। एक बार ऐसा भी लग रहा था कि कोरोना केस जल्द ही एक लाख को छू जाएगा। आज 1 लाख तक पहुँचने के लिए कोरोना को एड़ियाँ घिसनी पड़ रही है।

96657 केस ही अब तक हो पाए हैं। जिस तरह खुजरों में केस बढ़ रहे, उसको देख के लगता नहीं कि पूरे साल के गुजरने पर भी यहाँ केस 1 लाख तक पहुंचेंगे। मौतें 1686 हैं। ये भी एक किस्म से ठहरे हुए हैं। आज सबसे ज्यादा 5 कोरोना केस देहरादून में मिले। इससे अहसास हो जाता है कि उत्तराखंड में कोरोना को किस तरह परास्त किया जा चुका है। अब सरकार और लोगों को सिर्फ अति और जान बूझ के की गई लापरवाहियों से बचना होगा। खास तौर पर हरिद्वार कुम्भ मेले के दौरान। वाहन लाखों लोग बाहर से आएंगे। वे अपने साथ कोरोना के वाइरस ले के न आ जाएँ। इस पर सरकार को खासा ध्यान देना होगा।   

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