कल अमित शाह-नड्डा से मिले थे:हर मंत्रालय से काफी कुछ ले आए इस बार

Chetan Gurung      
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने मंगलवार को भी नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी-जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और रेल-खाद्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाक़ात कर राज्य से जुड़े तमाम अहम मसलों पर चर्चा की। सभी मंत्रियों ने उनकी बातों पर फौरी कार्रवाई करते हुए सैद्धान्तिक फैसले कर लिए। जो रह गए, उनके बारे में आश्वासन दिया। तीनों मंत्रियों ने राज्य को अरबों रुपए की योजनाओं पर मंजूरी दी या फिर आश्वासन दिया। त्रिवेन्द्र ने इस तरफ अपने तूफानी दिल्ली दौरे का भरपूर फायदा उठाते हुए हर मंत्रालय को कुछ न कुछ सौगात देने के लिए मजबूर कर दिया।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी दिल्ली दौरे में सीएम ने मुलाकात की

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर गडकरी ने आईएसबीटी, देहरादून बस अड्डा सड़क परियोजना के लिए 48 करोड़ मंजूर किए। ये जानकारी भी दी कि रूद्रप्रयाग टनल निर्माण के लिए लगभग 225 करोड़ रूपए स्वीकृत हो गए हैं। उत्तराखण्ड में नए राष्ट्रीय राजमार्ग में बाईपास की गई पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 69 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार-देहरादून एनएच पर जोगीवाला में जाम की समस्या को दूर करने पर सहमति व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इसका प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा।

जल शक्ति मंत्री शेखावत संग सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग चारधाम यात्रा में शॉर्ट लिंक मार्ग है। जौलीग्राट एयरपोर्ट भी ऋषिकेश भानियावाला के मध्य स्थित है । वर्तमान में यह केवल दो लेन मार्ग है। इस मार्ग के व्यापक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 में केंद्रीय सड़क व अवस्थापना निधि के अंतर्गत मंत्रालय को प्रेषित 219 करोड़ रूपए के प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया।

रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी मुख्यमंत्री ने मुलाक़ात की

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में राजमार्गो (6 कुल लम्बाई 524 किमी) को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडाडा-मोहन- रानीखेत(274किमी), पाण्डुआखाल -नागचूलाखाल उफरैखाल-बैजरो (64 किमी), खैरना-रानीखेत (34 किमी). बुआखाल-देवप्रयाग (49 किमी). देवप्रयाग-गजा-खाड़ी (70 किमी), बिहारीगढ़-रोशनाबाद (33 किमी) शामिल हैं। इन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किया जाए। उत्तराखण्ड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव राधिका झा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डा पराग मधुकर धकाते व केंद्र सरकार के अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।

त्रिवेन्द्र ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत से उत्तराखंड में 6 सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाईन (अनुमानित लागत 228 करोड़ 40 लाख रूपये) के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे के अंतर्गत उत्तराखंड में गंगा और उसकी सहायक नदियों पर 8 स्नान व मोक्ष घाट (अनुमानित लागत 22 करोड़ 4 लाख रूपये) के प्रस्ताव को भी स्वीकृति देने का भी आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखवाड़ परियोजना पर कैबिनेट क्लियरेंस  व किसाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच में समझौता भी जल्द ही हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 1108 करोड़ 38 लाख रूपये की 38 बाढ़ सुरक्षा योजनाओं को वर्ष 2014-15 व 2015-16 में भारत सरकार टेक्नो इकोनोमिक क्लीयरेंस प्रदान कर चुका है। इनके इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति जल्द हो जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक निर्माण लागत को देखते हुए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में हर खेत को पानी की वर्तमान गाइडलाइन 2.5 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की लागत को बढ़ाकर 4 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर करने पर बल दिया। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है तब तक राज्य सरकार को 2.5 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से अधिक की लागत को स्वयं वहन करने की अनुमति देने की मांग भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि  पर्वतीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि व दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार, पुनरोद्धार व सुदृढ़ीकरण को भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी के अंतर्गत उत्तराखंड में 349 करोड़ 39 लाख रूपये लागत की 422 नयी योजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया। राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री ने उत्तरखनाद को हर सम्भव सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया। साथ ही कहा कि राज्य से संबंधित सभी लम्बित मामलों का एक माह में निस्तारण कर दिया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री रेल, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण गोयल ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन के फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति दी।

रेल मंत्री ने हरिद्वार-रायवाला सेक्शन में वर्तमान सिंगल रेल लाईन के दोहरीकरण और देहरादून व योगनगरी ऋषिकेश के मध्य सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डायवर्जन लाईन के निर्माण पर भी स्वीकृति दी। साथ ही रेलवे के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। गोयल ने के सुझाव को स्वीकार करते हुए पुराने ऋषिकेश स्टेशन के वाणिज्यिक उपयोग के लिए रेलवे के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। निर्देशित किया।

केन्द्रीय मंत्री ने विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली के अंतर्गत उत्तराखण्ड की सब्सिडी के बकाया 640 करड़ रूपये की राशि अवमुक्त करने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए। त्रिवेन्द्र कल केन्द्रित गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिल चुके हैं।

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