हरिद्वार को कुम्भ के चलते कर्फ़्यू से मुक्ति:गैरसैण कमिश्नरी का फैसला स्थगित

Chetan Gurung

Covid-19 का कहर साल 2021 में भी चरम पर रहने और लगातार खौफनाक होते जाने के चलते तीरथ सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में आज तय किया कि देहरादून के नगर निगम क्षेत्र में रात 10 से सुबह 5 बजे कर्फ़्यू लगाया जाएगा। चकराता और कालसी को छोड़ देहरादून के पहली से 12वीं तक के स्कूल 30 अप्रैल तक के सभी स्कूल्स (बोर्डिंग-डे सब) बंद रहेंगे। हरिद्वार-नैनीताल और हल्द्वानी के भी स्कूल बंद रहेंगे। गैरसैण कमिश्नरी के गठन के पूर्व सरकार के फैसले को स्थगित कर दिया गया। कल SoP जारी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही Night Curfew भी अमल में आ जाएगा।

सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक के फैसलों की जानकारी सरकारी प्रवक्ता और मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में रात का कर्फ़्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। आपदा सचिव एसए मुरुगेशन ने `Newsspace’ से कहा कि कर्फ़्यू सैन्य प्रशासन वाले डाकरा-गढ़ी-प्रेमंनगर-क्लेमेंटाउन क्षेत्र में भी लगाया जाएगा। कोरोना को देखते हुए एक और बड़ा फैसला स्कूलों को बंद रखने का लिया गया।

देहरादून (चकराता-कालसी छोड़ के), नैनीताल-हल्द्वानी और हरिद्वार के सभी स्कूल (पहली से ले के 12वीं कक्षा तक) बंद रखे जाएंगे। कैंट क्षेत्र के स्कूल्स भी बंदी के दायरे में आएंगे। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने `Newsspace’ से कहा, `देहरादून के दून स्कूल-वेल्हम गर्ल्स-बॉयज सरीखे बोर्डिंग स्कूल्स भी बंद होंगे’। सिर्फ बोर्ड परीक्षा वाले बच्चों को ही बोर्डिंग स्कूलों में रहने की मंजूरी दी जाएगी’। बाकी जिलों के स्कूल खोले जाएंगे। वहाँ कोरोना के केस और खतरा अभी नहीं है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज पांडे ने कहा कि स्कूलों को खोले रखने या फिर बंद रखने के बारे में अंतिम निर्णय चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग का नहीं था। उसका काम सिर्फ परामर्श देना है। कैबिनेट ने सब कुछ सोच-देख के स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। देहरादून के DM डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूलों और रात के कर्फ़्यू की SoP कल जारी हो पाएगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि रात के कर्फ़्यू में भी किन चीजों को छूट दी जाएगी।

मंत्रिमंडल ने गैरसैण कमिश्नरी के गठन के फैसले को अभी स्थगित करने का फैसला भी किया। इस फैसले को ले के कुमायूं में खास तौर पर बहुत बवाल और असंतोष भड़का हुआ है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार को इस फैसले के कारण काफी आलोचना और असंतोष सहना पड़ा था। तीरथ सरकार ने इस तरह पिछली सरकार के एक और अहम फैसले को तकरीबन बदल दिया। मंत्रिमंडल ने हरिद्वार को रात के कर्फ़्यू से मुक्त रखने का हैरान करने का फैसला किया।

देहरादून के बाद सबसे ज्यादा केस वहीं आ रहे हैं। कुम्भ मेले के कारण सरकार ने हरिद्वार को रात के कर्फ़्यू से मुक्त रखा है। एक अहम सवाल ये भी उठ रहा है कि जिन परिवारों-घरों में शादियाँ हैं, उनके बारे में सरकार SoP में कुछ ख्याल रखेगी या नहीं। शादियों का सीजन आ चुका है। लोग वेडिंग पॉइंट-होटल-कैटरिंग-बैंड-फूल-गाड़ियाँ बुक कर चुके हैं। बाहर से शादियों में आने वाले अपनी फ्लाइट और रेल के टिकट बुक करा चुके हैं। रात का कर्फ़्यू इन सभी के लिए संकट बन गया है।  

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