साथ बैठ के समस्याओं का हल तलाशें:शासन को रिपोर्ट भेजेंगे

Chetan Gurung

विधायकों (कई बार मंत्रियों को भी) को आम तौर पर ये शिकायत रहती रही है कि उनके जिलों के DM न तो उंनको तवज्जो देते हैं न ही उनकी बातों पर कान ही देते हैं। त्रिवेन्द्र सरकार में ये शिकायत काफी सामने आया करती थी। इस विवाद-शिकायत को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज सभी जिलाधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया, `विधायकों को न सिर्फ सम्मान दें बल्कि समस्याओं-मुद्दों को उनके साथ ही बैठ के सुलटाएँ भी’।
 तीरथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों से समन्वय सुनिश्चित करें। उनके साथ नियमित रूप से बैठेंगे। जनसमस्याओं का समाधान करेंगे। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी अपने कैम्प कार्यालय में न बैठकर अपने मूल कार्यालय में बैठें।

उन्होंने लोगों को कैंप ऑफिस में होने वाली समस्याओं के चलते ये आदेश किया। जिलाधिकारियों की कचहरी के बजाए अपने कैंप ऑफिस में बैठने की आदत के मद्देनजर उन्होंने कहा कि आम लोगों की जिलाधिकारी तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो। प्रत्येक दिन 2 घंटे जिलाधिकारी जनता से मिलकर उनकी समस्या सुनेंगे। तुरंत निस्तारित भी करेंग

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