BJP गृह युद्ध::प्रभारी दुष्यंत-अध्यक्ष मदन ने उस्तादों को चेता दिया-बस अब और बर्दाश्त न होगा..

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जुबान पर लगाम लगाने का अल्टिमेटम:चिंतन शिविर में आपसी दंगल पर भी नाराजगी दिखाई गई

CM तीरथ-Ex CM त्रिवेन्द्र भी अब कुम्भ-अन्य विषयों पर नहीं करेंगे एक-दूसरे पर `कटाक्ष’   

Chetan Gurung

उत्तराखंड BJP के चिंतन शिविर के दौरान पार्टी के भीतर मचे गृह युद्ध को खत्म करने के लिए सूबेदारों को तरीके से समझा-चेता दिया गया। मंत्रियों-विधायकों को अच्छे से और अलग से से सख्त ताकीद कर दी गई-भाई अब और बर्दाश्त नहीं किए जाओगे। अब अगड़म-बगड़म के लिए जुबान खोलोगे तो अपना ही नुक्सान कर लोगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने `Newsspace’ से कहा, `पिछले कुछ हफ्तों से उत्तराखंड BJP में जो कुछ देखने को मिल रहा था, वह नहीं दिखाई देगा’।

तीरथ सरकार और उत्तराखंड BJP के लिए पिछले कई हफ्ते बेचैन करने वाले गए हैं। काँग्रेस से उसको कोई दिक्कत नहीं हो रही। सबसे बड़े चुनौतीबाज-दुश्मन तो खुद घर के भेदी ही हो रहे। अपने ही नेता-मंत्री आए दिन अपने बयानों से सरकार-पार्टी के लिए परेशानियाँ पैदा कर रहे। वे हास्यास्पद तस्वीर पार्टी और सरकार के लिए तैयार कर रहे हैं। ऐसा लग रहा था मानो सरकार के मुखिया या फिर पार्टी का कोई डर-लिहाज दिमाग से निकल चुका है। आपस में ही एक-दूसरे को निबटाने या फिर खुद को मीडिया में अधिक चमकाने के फेर में वे सरकार-पार्टी की प्रतिष्ठा को दांव पर लगा दे रहे थे।

रामनगर में सभी को इस बारे में सख्ती के साथ कह दिया गया कि वे आइंदा ऐसी हरकतें न करें, जों संगठन-सरकार के लिए विचित्र और परेशान करने वाली स्थिति पैदा कर दें। ऐसा करेंगे तो खुद उनको दिक्कत होगी। संगठन उनकी ऐसी हरकतों को अब कतई सहने वाला नहीं है। सबसे अधिक परेशानी मंत्री सतपाल महाराज-डॉ. हरक सिंह रावत को ले के संगठन-सरकार को हो रही है। दोनों के बयान ऐसे आ रहे थे, जिससे सांगठनिक एकता-सद्भाव पर आंच आ रही थी। विधानसभा चुनाव के करीब होने के चलते ये तस्वीर पार्टी के लिए बहुत खतरनाक मानी जा रही थी।

हरक ने कर्मकार बोर्ड के मामले में बहुत आक्रामक बयान दे के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सत्याल के हमलों का जवाब उनसे अधिक आक्रामक ढंग से दिया। सत्याल-हरक में परस्पर जबर्दस्त ठनी हुई है। सतपाल महाराज के भी बयानों ने लगातार सियासी तापमान ऊंचा रखा है। कभी वह हरिद्वार में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का बयान दे रहे तो कभी उधम सिंह नगर के पुलिस कप्तान को अवैध खनन का आरोप लगा के आड़े हाथों ले के बीजेपी सरकार के खिलाफ विरोधियों को मौका दे रहे। उनका BJP कार्यकर्ताओं को सरकारी ठेके देने के लिए का ठेकों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का बयान भी सरकार के लिए आफत बना हुआ है।

कुम्भ और कोरोना के फैलाव पर Ex CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत और CM तीरथ सिंह रावत के एक-दूसरे पर कटाक्षनुमा बयानों से भी पार्टी बहुत असहज हुई है। चिंतन शिविर में ये आधिकारिक तौर पर ये मुद्दा नहीं था, लेकिन पार्टी ने इस मोर्चे पर बहुत गंभीरता से काम किया। प्रदेश प्रभारी दुष्यंत और प्रदेश अध्यक्ष मदन ने सभी विवादों से नाता रखने या पैदा करने वालों से अकेले-अकेले बात की। उनको ढंग से समझाया गया कि उनकी हरकतें पार्टी  और सरकार की छवि खराब कर रही हैं। चुनाव में इसका नुक्सान उठाना पड़ सकता है। अपने अहमकाना बयानों को रोकें और सियासी शैली में बदलाव लाएँ। ऐसा फिर हुआ तो पार्टी उनके साथ कड़ा बर्ताव कर सकती है। कार्रवाई भी हो सकती है।

मदन से `Newsspace’ ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने न तो इस सबकी पुष्टि की न ही खंडन। उन्होंने ये जरूर साफ-साफ कहा कि अब आगे इस किस्म की पार्टी को नुक्सान पहुंचाने वाली बयानबाजी आप नहीं देखेंगे। सभी मिल-जुल के संगठन को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। पार्टी के एक अहम ओहदेदार ने ऑफ द रेकॉर्ड बताया कि दुष्यंत-मदन ने एकांत में विवादित बयानों से जुड़े लोगों से बात कर सुधर जाने के चेतावनी दी।   

1 COMMENT

  1. जिनमें गांव का प्रधान बनने की कूवत नहीं थी वह मंत्री, मुख्यमंत्री बन गए। ऐसे में अपच तो होनी ही है। उत्तराखंड बनने से असल फ़ायदा तो इनका ही हुआ है।

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