तीरथ जी का अपमान करने वाले नौकरशाह बख्शे नहीं जाएंगे:CM

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पुष्कर बोले-मेरे शपथ ग्रहण समारोह में Ex CM के आने पर भी नहीं उठे कुछ नौकरशाह

अल्टिमेटम-या तो कार्य प्रणाली सुधारे नौकरशाही या फिर नतीजे भुगतने को तैयार रहे  
Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार दौरे में आज कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वह नहीं बल्कि सभी कार्यकर्ता बने हैं। उनकी जानकारी में आया है कि उनके शपथ ग्रहण समारोह में उस वक्त कुछ नौकरशाहों ने अपनी कुर्सी से उठने की भी जहमत नहीं की जब निवर्तमान CM तीरथ सिंह रावत समारोह स्थल पहुंचे। ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुष्कर ने नौकरशाही को चेताया कि वे या तो अपनी कार्यशैली सुधारे या फिर कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहे। नौकरशाहों को पता होना चाहिए कि तीरथ के साथ मेरा रिश्ता 25 सालों से है। साथ-साथ ABVP में कार्य किया है। उनको डूबता जहाज न समझे। ऐसे अफसरों को चेतावनी देता हूँ कि वे अपना दिमाग सुधार लें तो बेहतर होगा।

युवा CM शपथ ग्रहण के तत्काल बाद से ही जबर्दस्त Action फिल्मों के नायक के अंदाज में काम करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी पहली ही कैबिनेट बैठक में जैसे फैसले हुए, वैसे पिछली कई कैबिनेट बैठकों और पिछली सरकारों में नहीं हुए। पुष्कर के सामने सबसे बड़ा और पहला लक्ष्य विधानसभा चुनाव-2022 जीतना है। इसके लिए वह युद्धस्तर पर जुट गए दिख रहे हैं।

ऐसा कम ही होता है कि मंत्रियों को शराब-PWD और ऊर्जा सरीखे मंत्रालय मिल जाए। पिछले BJP सरकार के ही मुख्यमंत्रियों त्रिवेन्द्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत ने भी तीनों महकमे खुद ही रखे थे। पुष्कर ने मंत्रिमंडल सहयोगियों का दिल जीतने और चुनावी वर्ष में खुद की व्यस्तता अधिक होने के चलते बड़े और मलाईदार महकमे तक अपनी झोली से निकाल दिए।

सूत्रों के अनुसार CM ने सभी मंत्रियों को साफ कह दिया है कि वे खुल के काम करें और विकास की रफ्तार बढ़ाएँ। उनके कामकाज में किसी भी स्तर पर कहीं से कोई अड़ंगा नहीं आएगा। इसके साथ ही नौकरशाही को भी चुस्त-दुरुस्त-अनुशासित करने के लिए PM नरेंद्र मोदी-गृह मंत्री अमित शाह के स्तर तक उनकी कोशिश रंग लाई और सुखबीर सिंह संधु को मुख्य सचिव के लिए केंद्र से कार्यमुक्त करा पाने में सफल रहे। ACS आनंदबर्द्धन को CMO में लाया जाना भी सोची समझी रणनीति है।

पुष्कर अब एकाध दिनों में नौकरशाहों के महकमों में जबर्दस्त फेरबदल करने जा रहे हैं। दागी और विवादितों को बैक सीट पर बिठाया जाना तय है। साथ ही ये भी माना जा रहा है कि वह नाहक सलाहकारों और OSD’s आधिकारिक तौर पर नहीं रखने जा रहे। इस सोच को अपनाने के पीछे मितव्ययता और विवादों से मुक्ति पाना समझा जा रहा है। संगठन के लोगों और कार्यकर्ताओं को सम्मान दिलाना भी उनकी प्राथमिकताओं में है, ये उन्होंने हरिद्वार में आज तीरथ-नौकरशाह प्रकरण पर चेतावनी जारी कर साफ कर दिया।

ऐसी भी सुगबुगाहट है कि वरिष्ठ IPS अफसर अभिनव कुमार को भी पुलिस से इतर अन्य शासन संबंधी कार्यों की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। अभिनव लगातार इन दिनों CM के आसपास और अहम मौकों पर मौजूद दिख रहे हैं। वह 1996 बैच के IPS हैं। मुख्यमंत्री के करीबी हैं। एक और आला IPS अफसर शासन या फिर CMO में विशेष रूप से लाए जा सकते हैं। ये बेहद दमदार और लोकप्रिय माने जाते हैं। उनको अहम ज़िम्मेदारी देने पर विचार तकरीबन अंतिम दौर में है। पुष्कर के विश्वासपात्र और करीबी अफसरों में उनको भी शुमार किया जाता है।

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