सबसे बड़ी Breaking::गणेश गोदियाल उत्तराखंड Congress के नए `सरदार’:Newsspace ने सबसे पहले खबर Break की

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हरीश रावत चुनाव प्रचार समिति के Boss:प्रीतम सिंह CLP Leader

जीत-भुवन-तिलक-रंजीत कार्यकारी अध्यक्ष:तो अब चुनावी जंग पुष्कर-बनाम गणेश होगी

Chetan Gurung  

युवा चेहरा गणेश गोदियाल उत्तराखंड Congress के नए सरदार बन गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महसचिव C वेणुगोपाल ने उत्तराखंड PCC का ऐलान कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज हरीश रावत को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख और निवर्तमान PCC अध्यक्ष प्रीतम सिंह CLP Leader बनाए गए हैं। पहली बार चार कार्यकारी अध्यक्ष (जीतराम पँवार, भुवन कापड़ी, तिलकराज बेहद और रंजीत सिंह रावत) भी बनाए गए हैं।

हरीश रावत (बाएँ) चुनाव प्रचार का और प्रीतम सिंह (दाएँ) CLP लीडर का जिम्मा उठाएंगे।

चुनाव प्रचार समिति में हरीश के साथ प्रदीप टमटा उपाध्यक्ष और दिनेश अग्रवाल संयोजक बनाए गए हैं। आर्येन्द्र शर्मा को कोषाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। `Newsspace’ ने 30 जून को ही लिख दिया था कि हरीश के खासमखास गणेश PCC अध्यक्ष बन सकते हैं। आज दिन में सबसे पहले `Newsspace’ ने ही गणेश-हरीश-प्रीतम के बारे में साफ लिख के खबर ब्रेक कर दी थी।

गणेश को गांधी परिवार का भी बहुत विश्वसनीय माना जाता रहा है। हकीकत ये है कि उनका नाम उत्तराखंड में विजय बहुगुणा सरकार के दौरान भी CM के लिए अंदरखाने चला था। फिर PCC अध्यक्ष के लिए भी उनके नाम की लहर अंदरखाने बहती रहती थी। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका गांधी परिवार का बहुत करीबी होना ही था। विजय बहुगुणा के खिलाफ मुहिम चला के हरीश को CM बनवाने वालों में वह और प्रीतम एक साथ थे।

जब BJP ने हरीश की सरकार गिराई थी तो गणेश को अपने पाले में खींचने के लिए उसकी रणनीतिकारों ने घोड़े खोल लिए थे। इसके बावजूद उनको अपने साथ नहीं जोड़ सके थे। वह सदा ही काँग्रेस-गांधी परिवार के वफादार और हरीश के भी भरोसेमंद बने रहे। साल 2002 में भारी-भरकम सियासी वजन वाले BJP के रमेश पोखरियाल निशंक को विधानसभा चुनाव में थलीसैण की जंग में परास्त कर सियासत की दुनिया में धमाकेदार आगाज किया था।

गणेश के कंधों पर अब बेहद अहम ज़िम्मेदारी आ गई है कि वह किसी भी तरह काँग्रेस को सत्ता में लाने के लिए विधानसभा चुनाव में BJP को चित करे। ये कोई हंसी-खेल नहीं है। बीजेपी एक वक्त बहुत पिछड़ती दिखने लगी थी। केंद्र में मोदी के फीके पड़ते जादू और CM के तौर पर त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उनके बाद आए तीरथ सिंह रावत के जनमानस पर छाप न छोड़ पाने के करण BJP को बहुत कमजोर माना जा रहा था। पुष्कर सिंह धामी को ला के मोदी-शाह की जोड़ी ने तुरुप चाल चल दी है।

पुष्कर के CM बनने से न सिर्फ चुनाव बेहद दिलचस्प बल्कि कठिन भी हो गया है। युवा पुष्कर की काट के लिए Congress के पास गणेश-विधायक करण माहरा और सूर्यकांत धस्माना थे। बाजी गणेश के हाथ लगी। अगली जंग 6-8 महीने बाद अब BJP-Congress से अधिक पुष्कर बनाम गणेश होगी।

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