13 सालों से सचिवालय में धूल फांक रही उत्तराखंड के भविष्य की फाईल! क्या सीएम लेंगे एक्शन ?

0
235

मैक खान- उत्तराखंड सचिवालय में पिछले 13 सालों से एक ऐसी फाइल धूल फांक रही है जिस पर अगर समय रहते प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इस फाईल को सामने हाजिर करवा लिया तो उत्तराखंड के युवाओं का वो सपना पूरा हो जाएगा जो आज तक किसी और सीएम ने चर्चा करना तक गंवारा न समझा ।

जी हां हम बात कर रहे है फिजिकल एजुकेशन सिस्टम की जो 20 वर्ष के हो चुके युवाओं के लिए एक वरदान साबित होगा , साल 2008 में शासन स्तर पर एक फाईल चली जिसका मुख्य उद्देश्य 12वीं के बाद स्पोर्ट्स के प्रति BPEd, MPEd, Mphill, जैसे कोर्स कराया जाना था, इसके लिए एशिया के टॉप कॉलेजों में शुमार लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, ग्वालियर (LNIPE) (DEEMED University) से पत्राचार होने के साथ साथ उत्तराखंड टिहरी के मूलनिवासी प्रोफेसर सजवाण अपनी सेवाएं लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, ग्वालियर (LNIPE) को दे रहे थे और वो रीजनल सेंटर ऑफ लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, (LNIPE) को भी उत्तराखंड में शुरू करवाने के लिए प्रयासरत थे, इस सम्बन्ध में LNIPE की सैद्धांतिक सहमति भी मिल गई थी परंतु प्रत्युत्पन्नमति नौकरशाहों ने इसे परवान नहीं चढ़ने दिया।

उस वक्त में ऐसा हो जाता तो आज उत्तराखंड का युवा बाहर जाकर PTI के लिए जरूरी कोर्स BPEd, MPEd, डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन एवं अन्य कई समर कोर्स जिसमें स्कूलों की छुट्टी के दौरान छह सप्ताह से लेकर 3 माह का कोर्स कर युवा प्रतिभा को आगे लाने में मदद मिल सकती थी। इतना ही नहीं फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर किसी भी विशेष खेल में अपने आप को निखार कर भविष्य में उम्मीदों को जगा सकते थे और NIS Patiala से संचालित समर कोर्स और सर्टिफिकेट कोर्स कर अपने फील्ड में महारथ हासिल कर युवाओं को निखार सकते थे, मगर ऐसा हुआ नहीं।

सीएम पुष्कर धामी एक्शन लेते हैं तो उत्तराखंड के युवाओं के लिए ऐसा पहली बार होगा कि हर क्षेत्र के प्रतिभावान युवा हमें हींग लगे न फिटकरी वाली कहावत से उलब्ध हो सकेंगे और रोजगार के नए आयाम उपलब्ध हो सकेंगे।

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है की युवा दिलों की धड़कन सीएम पुष्कर धामी और देश के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर में गजब का सामंजस्य है सीएम धामी को सिर्फ इतना करना है की राजधानी में महाराणा प्रताप कॉलेज में उपलब्ध इंफास्ट्रक्चर के साथ LNIPE को शुरू किया जाए और कहीं जमीन देकर काम का शुभारंभ किया जाए और सबसे अच्छी बात ये है की इसका सारा खर्चा केंद्र सरकार वहन करेगी और पुष्कर सिंह धामी का नाम बहुत ही कम समय में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जायेगा, और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आ सकेगी ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here