Graphic Era डीम्ड यूनिवर्सिटी में हिन्दी से BTech करें-50 फीसदी स्कॉलरशिप पाएँ

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Merit के आधार पर होंगे चयन:60-60 सीटें हर कोर्स में आरक्षित

हिन्दी माध्यम वाले छात्रों के लिए इंजीनियरिंग में भी अब चमकदार भविष्य:डॉ.कमल घनशाला

Chetan Gurung  

Dr Kamal Ghanshala

Graphic Era डीम्ड विवि में हिन्दी से BTech करेंगे तो 50 फीसदी स्कॉलरशिप मिलेगी। विवि की सोशल वेलफेयर कमेटी ने ये फैसला कर लिया है। हिंदी माध्यम से स्कूली पढ़ाई करने वालों के लिए विवि का ये दोहरा तोहफा है। एक तो वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई English माध्यम के चलते न कर पाने की टीस से मुक्त हो गए। साथ ही स्कॉलरशिप के तौर पर 50 फीसदी तक की मदद पा सकेंगे।

AICTE-केंद्र सरकार ने इसी सत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का चयन हिंदी माध्यम से बीटेक शुरु करने के लिए किया है। AICTE से ग्राफिक एरा को कम्प्यूटर साईंस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक शुरु करने की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही हिन्दी माध्यम वाले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को बीटेक करने का अवसर देने तथा प्रोत्साहित करने के लिए ग्राफिक एरा की ही सोशल वेलफेयर कमेटी ने भी जिम्मा उठा लिया है।

इस पहल के बाद हिंदी माध्यम के छात्र-छात्राओं के लिए BTech करना काफी सहज हो जाएगा। उनको सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। फीस का बोझ एकदम आधा हो जाने से उनको बहुत राहत मिलेगी। GE विवि को केंद्र सरकार की देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों की सूची में 75वीं रैंक मिली है। नैक से `ए’ ग्रेड हासिल है। ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ कमल घनशाला ने कहा कि सोशल वेलफेयर कमेटी के इस अहम फैसले के बाद हिन्दी माध्यम वाले युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो उठा है। उनके सामने इंजीनियरिंग कर चमकदार कैरियर बनाने की नई राह खुल गई है।

डॉ.कमल के अनुसार दूरस्थ और दुर्गम स्थानों पर संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा आसान नहीं होती। कठिन परिस्थितियों के चलते ऐसे युवा चाहकर भी इंजीनियरिंग नहीं कर पाते। तमाम अरमानों को कुचल के दूसरे अनचाहे क्षेत्रों में जाना उनकी मजबूरी बन जाती है। उनमें ये कसक रहती है कि जिस फील्ड में वे बहुत आगे बढ़ सकते थे, उसके दरवाजे से ही उन्हें लौटना पड़ गया। ऐसे युवाओं के आर्थिक, बुनियादी और भाषाई दिक्कतों के मद्देनजर ही हिन्दी माध्यम को शुरू करने के बाद उनको मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप देने का फैसला किया गया।

ग्राफिक एरा ने हिंदी माध्यम में बीटेक के लिए अर्हता तय की है कम्प्यूटर साईंस इंजीनियरिंग के लिए 75 प्रतिशत और मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन के लिए 60 प्रतिशत न्यूतम अंकों की अनिवार्यता रखी गई है। इन तीनों कोर्स में 60-60 सीटें रखी गई हैं। यह छूट देश के हर क्षेत्र के युवाओं को सीटें उपलब्ध रहने तक दी जाएगी। Corporate जगत की जरूरत और बाध्यता के चलते ऐसे युवाओं के लिए अंग्रेजी और पीडीपी की विशेष कक्षाएं भी चलाई जाएंगी।

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