Punjab

पंजाब के लिए अलग वन नीति बनाने की सिफारिश, विधानसभा समिति ने सरकार को दिया प्रस्ताव

चंडीगढ़: Punjab में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से विधानसभा की एक समिति ने राज्य के लिए अलग वन नीति (Forest Policy) तैयार करने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि राज्य की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष नीति बनाना जरूरी है।

क्यों जरूरी है नई वन नीति

विधानसभा समिति के अनुसार, वर्तमान में लागू राष्ट्रीय स्तर की नीतियां Punjab की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पूरी तरह प्रभावी नहीं हैं। राज्य में वन क्षेत्र काफी कम है, इसलिए वन संरक्षण, पौधारोपण और जैव विविधता बढ़ाने के लिए अलग नीति बनाई जानी चाहिए।

समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि नई नीति के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही नदियों और सड़कों के किनारे हरित पट्टी विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

पर्यावरण संतुलन पर होगा फोकस

प्रस्तावित वन नीति में जलवायु परिवर्तन से निपटने, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ेगा और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

एक साल के भीतर नीति तैयार करने का सुझाव

समिति ने सरकार को सलाह दी है कि एक वर्ष के भीतर नई वन नीति तैयार कर लागू की जाए। इसके लिए पर्यावरण विशेषज्ञों, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर विस्तृत योजना तैयार करने का सुझाव दिया गया है।

यदि सरकार इस सिफारिश को स्वीकार करती है, तो इससे Punjab में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को नई दिशा मिल सकती है।

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