
विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष अपने नए रिकॉर्ड कायम कर रही है। देश-विदेश से भारी संख्या में बाबा केदार के दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को जहां एक ओर बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय आजीविका को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) रुद्रप्रयाग द्वारा एक बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केदारनाथ पहुंचने वाले भक्तों को उच्च गुणवत्ता और शुद्धता से भरपूर प्रसाद उपलब्ध कराना और साथ ही स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
केदारेश्वर एंटरप्राइजेज के साथ रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग
इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने और इसे एक व्यावसायिक मजबूती देने के लिए ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) ने स्थानीय स्तर पर काम कर रहे उद्यम ‘केदारेश्वर एंटरप्राइजेज’ के साथ एक रणनीतिक अनुबंध (एमओयू) किया है। परियोजना को गति देने और बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए REAP द्वारा केदारेश्वर एंटरप्राइजेज को ₹5 लाख की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है। इस आर्थिक सहयोग का सीधा असर यह हुआ है कि अब बाबा केदार के भक्तों के लिए बड़े पैमाने पर शुद्ध और उच्च स्तर का प्रसाद तैयार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: ‘जय स्वयं सहायता समूह‘
इस पूरी व्यवस्था की सबसे खूबसूरत और मजबूत कड़ी क्षेत्र की महिलाएं हैं। इस परियोजना के तहत ‘जय स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं को सीधे तौर पर जोड़ा गया है। वर्तमान में ये ग्रामीण महिलाएं प्रसाद की कस्टमाइज्ड और सुरक्षित पैकेजिंग का जिम्मा संभाल रही हैं।
इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाया है:
नियमित रोजगार: यात्रा सीजन में महिलाओं को घर के पास ही सम्मानजनक काम मिला है। पैकेजिंग कार्य से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति: यह प्रयास न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि उत्तराखंड की पर्वतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा दे रहा है।
खासियत: पंचमेवा, स्मृति चिन्ह और इको-फ्रेंडली पैकेजिंग
केदारेश्वर एंटरप्राइजेज द्वारा तैयार किया जा रहा यह प्रसाद आम प्रसादों से काफी अलग और खास है। श्रद्धालुओं की पसंद और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से पंचमेवा और प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बाबा केदार की यादों को संजोने के लिए ‘श्री केदारनाथ मंदिर स्मृति चिन्ह’ (सोविनियर) भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि यह पूरा प्रसाद पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly) और आकर्षक पैकेजिंग में दिया जा रहा है। प्लास्टिक मुक्त पैकेजिंग के जरिए जहां एक ओर हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी एक नया व भव्य स्वरूप मिल रहा है।
एक तीर से कई निशाने
प्रशासन और स्थानीय संगठन की यह संयुक्त कोशिश केदारनाथ यात्रा को और अधिक व्यवस्थित और स्थानीय समुदाय के अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। भक्तों को जहां मिलावट रहित, शुद्ध और सुंदर पैकेट में बाबा का भोग मिल रहा है, वहीं पहाड़ की मातृशक्ति के चेहरों पर मुस्कान आ रही है।



