
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य Karan Mahara ने केंद्र की भाजपा सरकार पर विदेश नीति और महंगाई को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण भारत की विदेश नीति कमजोर होती दिखाई दे रही है, जबकि देश के भीतर आम जनता महंगाई से परेशान है।
विदेश नीति पर उठाए सवाल
करन माहरा ने कहा कि किसी भी देश की विदेश नीति उसकी ताकत और अंतरराष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक होती है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को कमजोर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत के दशकों पुराने मित्र देशों जैसे Russia और Iran के साथ पहले संतुलित और सम्मानजनक संबंध रहे हैं। इन देशों के साथ ऊर्जा सुरक्षा और सामरिक सहयोग भी मजबूत रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारत के इन पारंपरिक मित्र देशों के साथ रिश्तों में दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है।
अमेरिका के प्रति झुकाव का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों में United States के प्रति झुकाव बढ़ता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो भारत की विदेश नीति का रिमोट कंट्रोल अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हाथ में चला गया हो, जो भारत जैसे स्वतंत्र देश के लिए चिंताजनक स्थिति है।
महंगाई को लेकर सरकार पर हमला
करन माहरा ने कहा कि देश के भीतर आम जनता महंगाई से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है।
उनका कहना है कि लोग गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं, जबकि सरकार ने सत्ता में आने से पहले “अच्छे दिनों” का वादा किया था।
संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जब विपक्ष संसद में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाने की कोशिश करता है तो सरकार उन्हें बोलने का अवसर नहीं देती। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और वहां विपक्ष की आवाज को दबाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि जब Rahul Gandhi संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें भी बोलने का मौका नहीं दिया जाता।
जनता के सवालों का जवाब दे सरकार
करन माहरा ने कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि सरकार आखिर किसके लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति में असंतुलन, बढ़ती महंगाई और संसद में विपक्ष की आवाज दबाने की प्रवृत्ति यह दर्शाती है कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश को मजबूत नेतृत्व, पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सके।


