
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका युद्धपोतों को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिका नौसेना के जहाज ईरान द्वारा बिछाई गयी बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए क्षेत्र में दाखिल हुए थे, जिसे ईरान ने नाकारा है।
इस्लामाबाद वार्ता फ़ैल होने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी कर अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को होर्मुज से वापस लौटने की चेतावनी दी है।
हालाँकि अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की थी कि दो गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, USS फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर और USS माइकल मर्फी, होर्मुज से गुजरे हैं जिसे फ़रवरी में युद्ध छिड़ने के बाद से ईरान ने ज्यादातर ब्लॉक कर रखा है, ताकि ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाना शुरू किया जा सके, लेकिन ईरान ने इस दावे से इंकार किया है।
IRGC ने US जहाज को वापस जाने भेजा
ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के एक X पर पोस्ट में इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉप्र्स (IRGC ) के सिपाही कर्मियों को USS फ्रेंक ई पीटरसन को अपना रास्ता बदलने और वापस जाने की चेतावनी दी है
ईरान की लास्ट वार्निंग
इस दौरान USS फ्रैंक ई पीटरसन के अधिकारी ने जवाब दिया कि जहाज “अंतराष्ट्रीय कानून के अनुसार पारगमन मार्ग (ट्रांजिट पैसेज) पर है। आपको चुनौती देने का इरादा नहीं है। इसके बाद IRGC के जवान को कहते हुए सुना जा सकता है की अमेरिका नौसेना का युद्धपोत ओमान सागर में प्रवेश कर रहा है। यह सेमाह नौसेना है, लास्ट वार्निंग।
अमेरिका ने क्या कहा ?
अमेरिका सेंट्रल कमांड (CONTCOM) ने शनिवार को बताया की उसकी सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगे हटाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत नौसेना के दो जंगी जहाज अभियान चला रहे हैं।
कमांड ने बताया कि USS फ्रैंक ई. पीटरसन और USS माइकल मर्फी ने होर्मुज से गुजरते हुए एक बड़े अभियान में हिस्सा लिया।
इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है, यह जलमरूमध्य, ईरान के इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड्स कोप्रस द्वारा पहले बिछाई गयी समुद्री नारिदी सुरंगों से पूरी तरह मुक्त हो जाये।



