
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा के सुरक्षित, सफल और बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर गहरा संतोष व्यक्त किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने इस सफलता पर खुशी साझा करते हुए कहा कि देवभूमि की महान संस्कृति, यहां की मेहमाननवाजी और आपसी भाईचारे को चोट पहुंचाने की कुछ स्वार्थी तत्वों की कोशिशें पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं। उन्होंने इस यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए स्थानीय निवासियों, सिख समाज के सहयोग और धामी सरकार की सूझबूझ की जमकर तारीफ की, तो वहीं संकट के समय विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना रवैए पर तीखा प्रहार भी किया।
‘धैर्य और सूझबूझ से नाकाम हुईं साजिशें’
मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि पिछले दिनों हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ लेकर कुछ असामाजिक तत्वों और राजनीतिक दलों ने माहौल को तनावपूर्ण बनाने, सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने और देवभूमि उत्तराखंड की साख को पूरी दुनिया में धूमिल करने की एक सुनियोजित कोशिश की थी।
लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार और शासन-प्रशासन ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता और मुस्तैदी से संभाला, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं होने पाई। प्रदेश की जागरूक जनता और सभी समाजों के जिम्मेदार नागरिकों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा:
“जनता के धैर्य और समझदारी की बदौलत ही बहुत कम समय में हालात बिल्कुल सामान्य हो गए। इसी एकजुटता का नतीजा है कि हिंदू-सिख भाइयों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक सद्भाव को तोड़ने और उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भवः’ की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिशें औंधे मुंह गिर गईं।”
पंजाब चुनाव और क्षेत्रीय राजनीति चमकाने का लगा आरोप
प्रदेश अध्यक्ष ने विरोधियों पर सीधा हमला बोलते हुए एक बड़ा राजनीतिक खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव और अपनी क्षेत्रीय राजनीति की रोटियां सेकने के लिए इस पूरे प्रकरण का इस्तेमाल एक एजेंडे की तरह किया गया। कुछ लोग पंजाब में अपनी लगातार गिरती राजनीतिक साख को बचाने के लिए उत्तराखंड की धरती पर निहंगों के साथ एक बड़े टकराव की पटकथा लिख रहे थे, ताकि वहां के आगामी चुनावों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का माहौल तैयार किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के उन स्थानीय दलों को भी घेरा जिनका वजूद अब लगभग समाप्त हो चुका है। भट्ट ने कहा कि ये दल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए शांत उत्तराखंड को क्षेत्रवाद के आत्मघाती दलदल में घसीटने का कुत्सित प्रयास कर रहे थे।
कांग्रेस पर साधा निशाना: ‘जिम्मेदारी निभाने के बजाय आग में घी डाला’
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि इतने बड़े संकट के समय में कांग्रेस ने एक जिम्मेदार राष्ट्रीय पार्टी की भूमिका निभाने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना रुख अपनाया। कांग्रेस के केंद्रीय और स्थानीय नेतृत्व ने हालातों को शांत करने में प्रशासन का सहयोग करने के बजाय, केवल और केवल राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से भड़काऊ बयानबाजी की और जलती आग में घी डालने का काम किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अंत में राज्य की जनता को पूरा भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और सदियों पुराने भाईचारे से समझौता करने वाले किसी भी शरारती तत्व को कतई नहीं बख्शेगी। धामी सरकार देवभूमि की अस्मिता और ‘सर्वधर्म समभाव’ की पावन परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।



