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IPS अधिकारी दीपक गहलावत रिश्वत मामले में गिरफ्तार, CBI ने तीन करोड़ की कथित घूस केस में की बड़ी कार्रवाई

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई तीन करोड़ रुपये की भारी-भरकम कथित रिश्वतखोरी (घूसकांड) के मामले में की गई है। यह मामला एक नकली दवा रैकेट की जांच से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोप है कि आईपीएस गहलावत ने अपने रसूख और प्रभाव का इस्तेमाल कर एक कारोबारी को CBI की जांच से बचाने और राहत दिलाने का सौदा किया था।

DGCA में तैनाती के दौरान लगा गंभीर आरोप
जांच एजेंसी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिस वक्त यह कथित घटना हुई, उस समय दीपक गहलावत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में क्षेत्रीय निदेशक (Regional Director) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने मोटी रकम के बदले CBI के ही बड़े अधिकारियों पर अपना प्रभाव डालने और पुडुचेरी के एक बड़े कारोबारी एन. राजा को जांच में क्लीन चिट या अनुकूल परिणाम दिलाने का पूरा भरोसा दिया था। इसी पुख्ता इनपुट के आधार पर CBI ने जाल बिछाया और अंततः उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जून 2026 के ‘ट्रैप ऑपरेशन’ से खुला राज
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की परतें जून 2026 में खुलनी शुरू हुई थीं, जब CBI ने एक खुफिया ट्रैप ऑपरेशन (जाल बिछाकर की गई कार्रवाई) चलाया था। उस वक्त इस ऑपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक कथित बिचौलिये राजकुमार को रंगे हाथों रिश्वत के लेन-देन के आरोप में दबोचा गया था। शुरुआती पूछताछ और जांच में जो कड़ियां और डिजिटल साक्ष्य मिले, वे सीधे आईपीएस दीपक गहलावत तक जा पहुंचे।

पूरे घूसकांड के नेटवर्क को खंगाल रही है CBI
CBI इस गंभीर प्रकरण में इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, कथित बिचौलिये राजकुमार और पुडुचेरी के कारोबारी एन. राजा के खिलाफ पहले ही नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर चुकी है। अब आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी इस पूरे कथित भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने में जुट गई है।

एजेंसी अब बेहद बारीकी से इस बात की गहन जांच कर रही है कि पैसों का यह बड़ा लेन-देन (मनी ट्रेल) किस-किस के जरिए हुआ, प्रभाव का दुरुपयोग कहां-कहां किया गया और इस काले खेल के पीछे महकमे के और कौन-से बड़े चेहरे शामिल थे। जांच एजेंसी का साफ कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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