
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्रावाला रेलवे स्टेशन से एक अनूठी और भव्य यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के विशेष अवसर पर वेरावल (सोमनाथ, गुजरात) के लिए रवाना होने वाली एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र के गौरव, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं की अटूट शक्ति को महसूस करने का एक सशक्त जरिया है।
इस यात्रा की क्या है खासियत?
6 दिनों की इस पावन यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न कोनों से लगभग 700 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इस यात्रा को खास बनाता है इसका स्वरूप, जिसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है।
मातृशक्ति की भागीदारी: यात्रा में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्रों की माताएं और बहनें बड़ी संख्या में शामिल हैं।
योजनाओं के लाभार्थी: सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले आम नागरिकों को भी इस यात्रा का हिस्सा बनाया गया है।
संत समाज का सानिध्य: उत्तराखंड के पूज्य संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने के लिए इस सफर में साथ हैं।
सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक: मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि केदारनाथ और बदरीनाथ की इस पावन धरती से शुरू होकर प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ तक जाने वाली यह रेल यात्रा, गुजरात और उत्तराखंड के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूती देगी।



