
खाड़ी देशों और मध्य पूर्व एशिया में रह रहे या किसी कारणवश वहां फंसे उत्तराखंड के नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद अहम और संवेदनशील फैसला लिया है। अपनी माटी से दूर विदेशों में मुश्किलों का सामना कर रहे प्रदेशवासियों की मदद के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर दी है।

नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी
उत्तराखंड शासन ने गृह विभाग की विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है। वे सीधे तौर पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों (Embassies) के साथ तालमेल बिठाएंगी, ताकि उत्तराखंड के हर नागरिक को समय पर और हर संभव सहायता मिल सके।
इन देशों में रह रहे लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का यह फैसला विशेष रूप से खाड़ी (Gulf) और मध्य पूर्व एशिया के उन देशों के लिए है जहाँ बड़ी संख्या में उत्तराखंडी प्रवासी रहते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान, ईरान और इजराइल।
मदद के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल
मुश्किल वक्त में फंसे लोग या उनके परेशान परिजन अब सीधे सरकार से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन और ईमेल आईडी जारी की गई है:
- 📞 मोबाइल नंबर: 9411112792
- 📧 ईमेल: dec-police-wag@nic.in
संपर्क करते समय ये जानकारियां देना न भूलें
त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए परिजनों या प्रभावित व्यक्ति को संपर्क करते समय निम्नलिखित विवरण देना अनिवार्य होगा:
- व्यक्ति का नाम और उनके पिता/पति का नाम।
- वह देश और वहां का पूरा पता जहाँ व्यक्ति वर्तमान में रह रहा है।
- पासपोर्ट नंबर और सक्रिय मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर।
- ईमेल आईडी।
- यदि संबंधित व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो उनके परिजनों का पूरा विवरण।
- उत्तराखंड में उनका स्थायी पता।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य
इस कदम के पीछे सरकार की मंशा साफ है—सात समंदर पार फंसे अपने नागरिकों की समस्याओं का फौरन समाधान करना। सरकार चाहती है कि प्रवासियों को समय पर राहत मिले और उनके पीछे उत्तराखंड में रह रहे परिवारों को सही जानकारी और सही मार्गदर्शन मिलता रहे, ताकि वे खुद को अकेला न महसूस करें।



