
मुख्यमंत्री आवास में जैव विविधता का नया अध्याय
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान (सर्किट हाउस) में एक अनूठे पर्यावरण प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस विशेष प्रोजेक्ट का नाम है ‘3-B गार्डन’। सीएम धामी ने परिसर में ‘कृष्णा वट’ का पवित्र पौधा लगाकर इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास किया। यह उद्यान आने वाले समय में न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि आम जनता को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी करेगा।
समझिए क्या है ‘3-B गार्डन’ का वैज्ञानिक महत्व?
‘3-B’ का सीधा संबंध हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को जीवन देने वाले तीन सबसे महत्वपूर्ण जीवों से है:
Bee (मधुमक्खी): परागण (Pollination) को बढ़ाने और शहद उत्पादन के लिए।
Butterfly (तितली): जैव विविधता को बनाए रखने और पर्यावरण के स्वास्थ्य को दर्शाने के लिए।
Bird (पक्षी): कीट-पतंगों के संतुलन और बीजों के प्राकृतिक फैलाव के लिए।
इस उद्यान को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है जहां इन तीनों जीवों को भरपूर भोजन, सुरक्षित आश्रय और पनपने के लिए प्राकृतिक माहौल मिल सके। सबसे खास बात यह है कि इस पूरे ज़ोन में किसी भी प्रकार के रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग नहीं होगा, ताकि ये जीव सुरक्षित रह सकें।
“मधुमक्खी पालन की बनेगी विस्तृत कार्ययोजना”
“यह उद्यान केवल मुख्यमंत्री आवास की शोभा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि यह उत्तराखंड के लिए एक मॉडल बनेगा। मैंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री आवास और इसके आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर मधुमक्खी पालन गतिविधियों को विकसित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाए।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित ने इस गार्डन के लिए बेहद खास और चुनिंदा प्रजातियों के पौधों का चयन किया है, जो पक्षियों और तितलियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं:
श्रेणी पौधों/वृक्षों की प्रजातियाँ
फल और छायादार वृक्ष जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, अमरूद, नीम, बाँस, कपूर
तितली और पक्षी अनुकूल फूल बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, सूरजमुखी गंधित एवं औषधीय पौधे तुलसी, लैवेंडर, रोजमेरी, पुदीना
इसके अलावा, परिसर के पुराने और कमजोर हो रहे पेड़ों के पास नए पौधे रोपे जा रहे हैं। खास बात यह है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता और पया जैसी प्रजातियों के पौधे, जो पिछले साल लगाए गए थे, वे अब इस वातावरण में पूरी तरह ढल चुके हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक कार्य के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से सचिव श्री शैलेश बगौली, उद्यान निदेशक डॉ. आर.के. सिंह और श्री नरेन्द्र यादव शामिल थे।



