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पेपर लीक बिल पर सरकार को घेरेंगे राहुल, प्रियंका भी होंगी शामिल

नई दिल्ली : लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक रोधी कड़े संशोधन विधेयक पर होने वाली चर्चा को लेकर संसद का सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति साफ कर दी है। लोकसभा में होने वाली बहस की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई जैसे वरिष्ठ नेता भी चर्चा में हिस्सा लेंगे।

विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे बिल के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और बल प्रयोग पर सरकार को जवाब देना ही होगा।

‘बिल का विरोध नहीं, पर छात्रों पर लाठीचार्ज का हिसाब चाहिए’

‘इंडिया’ गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और सहयोगी दल पेपर लीक को रोकने के लिए कानून को सख्त बनाने वाले हर कदम का समर्थन करने को तैयार हैं। हालांकि, विपक्ष की मुख्य शर्तें और मांगें निम्नलिखित हैं:

  • छात्रों पर कार्रवाई का जवाब: जंतर-मंतर और देश भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग पर सरकार जवाबदेही तय करे।
  • सार्थक चर्चा की शर्त: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार को सबसे पहले छात्रों पर हुई बर्बरता पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, तभी संसद में किसी बिल पर रचनात्मक चर्चा हो सकती है।

खरगे के दफ्तर में बनी ‘इंडिया’ ब्लॉक की साझा रणनीति

संसद सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सरकार को घेरने और फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर संयुक्त रणनीति पर सहमति बनी।

एंटी-पेपर लीक बिल 2026: क्या बदलेंगे नियम?

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा संसद में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में बेहद कड़े प्रावधान शामिल हैं:

  1. सजा में भारी बढ़ोतरी: दोषियों के लिए न्यूनतम सजा को 3 साल से बढ़ाकर 5 साल और अधिकतम सजा को 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करने का प्रस्ताव है।
  2. भारी जुर्माना: संगठित पेपर लीक गिरोहों और धांधली में शामिल संस्थाओं पर भारी आर्थिक दंड और संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है।
  3. गैर-जमानती अपराध: पेपर लीक से जुड़े सभी अपराधों को संज्ञेय और गैर-जमानती (Non-Bailable) श्रेणी में रखा गया है।

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