Uttarakhand

कैलाश-मानसरोवर यात्रा और मानसून सीजन को लेकर पिथौरागढ़ पुलिस अलर्ट…

पिथौरागढ़: कैलाश-मानसरोवर यात्रा, आदि कैलाश और पावन ओम पर्वत यात्रा के सीजन के साथ-साथ मानसून की दस्तक और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए पिथौरागढ़ पुलिस पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गई है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) डीडीहाट उमेश मलिक ने खुद कमान संभालते हुए कोतवाली डीडीहाट और कोतवाली अस्कोट में पुलिस कर्मियों के साथ एक विशेष सम्मेलन (बैठक) किया और उन्हें ड्यूटी को लेकर जरूरी कड़े निर्देश दिए।

पहले अपनों की फिक्र: पुलिस कर्मियों की सुनीं समस्याएं
सम्मेलन की शुरुआत करते हुए क्षेत्राधिकारी उमेश मलिक ने सबसे पहले अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) पर तैनात पुलिस जवानों और कर्मियों की व्यक्तिगत व पेशेवर समस्याओं, उनके सुझावों और जरूरतों को गहराई से समझा। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जवानों की हर समस्या का समाधान तुरंत प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, क्योंकि जब हमारे जवान मानसिक रूप से तनावमुक्त और मजबूत होंगे, तभी वे जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी और बेहतर ढंग से निभा पाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी: सीओ उमेश मलिक
सीओ उमेश मलिक ने यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस समय कैलाश-मानसरोवर, आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हमारे सीमांत जिले पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं। देवभूमि आने वाले इन अतिथियों की सुरक्षा हमारी साख से जुड़ी है। इसलिए, सभी यात्रा मार्गों पर 24 घंटे पैनी नजर रखना और किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लेना हर एक पुलिस कर्मी का पहला कर्तव्य है।

मानसून की चुनौतियों के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स’ टीम तैयार
मानसून के सीजन में पहाड़ की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने विशेष हिदायतें जारी कीं:

संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: भारी बारिश के कारण होने वाले संभावित भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और रास्ते बंद होने वाले डेंजर जोन (संवेदनशील इलाकों) में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

आपदा प्रबंधन और तालमेल: किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव (रेस्क्यू) कार्यों के लिए पुलिस बल हर पल तैयार रहे। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित महकमों के साथ लगातार मजबूत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए।

“यात्रियों, पर्यटकों और हमारे स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिस कर्मी पूरी ईमानदारी, मुस्तैदी और मानवीय संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं ताकि किसी भी चुनौती का डटकर मुकाबला किया जा सके।” — उmesh मलिक, क्षेत्राधिकारी (सीओ) डीडीहाट

इस बैठक के बाद सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर पुलिस महकमे में सक्रियता और अधिक बढ़ गई है, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत होगा।

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