
उत्तराखंड: जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की बहन और गांव की महिलाओं ने सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
क्या है पूरा मामला?
ढकना बडोला गांव के निवासी उमेश जोशी उर्फ सोनू का शव 5 मार्च को टैक्सी स्टैंड के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की।
मामले को लेकर शुरुआत से ही मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
बहन ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की बहन ममता जोशी का कहना है कि उनके भाई को आखिरी बार कुछ स्थानीय लोगों के साथ देखा गया था। उन्होंने दावा किया कि यह दृश्य सीसीटीवी फुटेज में भी मौजूद है, जिसे पुलिस द्वारा दिखाया गया था।
ममता का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने अभी तक न तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और न ही मामले की निष्पक्ष जांच की गई है।
डीएम कार्यालय में महिलाओं का प्रदर्शन
कार्रवाई न होने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं ग्राम प्रधान के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंचीं और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ममता जोशी ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि:
- मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो
- सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए
- सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए
16 मार्च से आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के जरिए प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 16 मार्च से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ममता जोशी ने साफ कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस विभाग की होगी।
परिवार में डर और आक्रोश
मृतक की मां ने भी बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पुलिस पर सवाल
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने और दबाने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।



