
देश आज शहीद दिवस के अवसर पर महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस मौके पर संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में एक मिनट का मौन रखकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को याद किया गया।
संसद में गूंजा शहीदों का सम्मान
शहीद दिवस के अवसर पर संसद में विशेष रूप से शहीदों को नमन किया गया। सभी सांसदों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रखा और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया।
शहीद दिवस का महत्व
भारत में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1931 में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश शासन द्वारा फांसी दी गई थी। उनका बलिदान आज भी देशभक्ति और साहस की प्रेरणा देता है।
देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
सिर्फ संसद ही नहीं, बल्कि देशभर में भी विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों में लोगों ने शहीदों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।


