Uttarakhand

महिला आरक्षण की अतिरिक्त सीटों से राज्यों की सीटों में बढ़ोतरी होगी: भट्ट

देहरादून 7 अप्रैल।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र का स्वागत किया। उन्होंने सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि जो लोग 2029 में आरक्षण लागू करने की बात कर रहे थे, आज वे इसकी टाइमिंग और उद्देश्य पर अफवाह फैला रहे हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि किसी की सीटें कम नहीं होंगी। बल्कि, संख्या का अनुपात बढ़ना तय है। शुभ कार्य की टाइमिंग पर आपत्ति ठीक नहीं है।

उन्होंने मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक फैसले ले रही है। इस क्रम में महिलाओं को निर्वाचित जन प्रतिनिधित्व वाली संस्थाओं में उचित अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है। नारी शक्ति वंदना अधिनियम के तहत मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी को उसके अधिकार दिलाने का प्रयास किया है। यह आरक्षण प्रक्रिया 2029 में शुरू करने का विचार सरकार द्वारा लिया गया है। यह एक स्वागत योग्य निर्णय है।

उन्होंने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला उनकी सरकार ने किया है। बजट सत्र को पूरा करने के बजाय उसका विस्तार किया गया है, ताकि संसद 16, 17 और 18 अप्रैल को इस महत्वपूर्ण कानून पर चर्चा कर सके। इसका उद्देश्य महिला आरक्षण से जुड़े कानून के शीघ्र अमल के लिए जरूरी संशोधन प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि इसका लाभ समय पर मिल सके। मोदी सरकार चाहती है कि 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से इसका फायदा मिलने लगे। 33 प्रतिशत महिलाएं संसद में पहुंचें और जनप्रतिनिधि बनें, इसके लिए सभी जरूरी कानूनी प्रावधान पूरे करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह पहले इस कानून को जल्द लागू करने की मांग कर रहे थे और अब सीटों के परिसीमन को लेकर आशंकाएं फैला रहे हैं। जबकि पीएम मोदी और सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी। इस कानून के तहत महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान भी होगा। महिलाओं के लिए तय की गई सीटें अब तक निर्धारित सीटों से अतिरिक्त होंगी। इसी उद्देश्य से कानून में संशोधन के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। हमारी सरकार का मकसद साफ है, महिला आरक्षण से संबंधित प्रावधान पूर्ण रूप से स्पष्ट और मजबूत हों, ताकि किसी भी राज्य को नुकसान न हो और 2029 में कानून निर्माण में महिलाओं की बड़ी संख्या भाग ले सके।

विपक्ष की तिमिंग पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शुभ कार्य में देरी नहीं करने को उचित माना गया है। ऐसे में यदि कोई अच्छा कार्य हो रहा है, जैसे महिला सशक्तिकरण, तो उसमें रुकावट नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मातृशक्ति के कल्याण के लिए इस विशेष सत्र में शामिल होगा।

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