
अमेरिका जाना अब और भी चुनौतीपूर्ण: वीजा फॉर्म में शामिल हुए दो नए सवाल, बढ़ी भारतीयों की टेंशन
अमेरिका जाकर बसने या वहां घूमने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए अब डगर थोड़ी मुश्किल होने वाली है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नॉन-इमिग्रेंट वीजा फॉर्म में दो ऐसे सवाल शामिल किए हैं, जो किसी भी आवेदक के लिए ‘धर्मसंकट’ जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं।
क्या हैं वे दो सवाल जिन्होंने बढ़ाई चिंता?
अब वीजा आवेदन के दौरान आपसे दो मुख्य बातें अनिवार्य रूप से पूछी जाएंगी:
क्या आपने कभी अपने देश या जहाँ आप रह रहे थे, वहाँ किसी भी प्रकार के शोषण या नुकसान का सामना किया है?
क्या आपको डर है कि अगर आप अपने देश वापस लौटे, तो आपके साथ दुर्व्यवहार या बुरा बर्ताव हो सकता है?
आवेदकों के लिए क्यों है यह ‘दोधारी तलवार’?
इन सवालों का जवाब देना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। यदि कोई आवेदक ‘हाँ’ कहता है, तो वीजा अधिकारी को यह लग सकता है कि वह व्यक्ति वापस अपने देश नहीं जाना चाहता और अमेरिका में ही बसने की ताक में है। ऐसी स्थिति में ‘होम टाई’ (अपने देश से जुड़ाव) की कमी बताकर वीजा तुरंत खारिज किया जा सकता है।
पेंच तब और फंसता है जब आवेदक ‘ना’ कहता है। मान लीजिए, भविष्य में उसके देश की परिस्थितियां खराब होती हैं और वह अमेरिका में शरण (Asylum) मांगना चाहता है, तब उसका यही ‘ना’ वाला जवाब उसके खिलाफ इस्तेमाल होगा। अमेरिकी अधिकारी कह सकते हैं कि वीजा लेते समय तो आपने कहा था कि आपको कोई खतरा नहीं है, तो अब आपकी बात पर भरोसा कैसे करें?
भारतीय आवेदकों पर इसका क्या असर होगा?
रिपोर्ट्स बताती हैं कि साल 2023 में करीब 41,000 भारतीयों ने अमेरिका में शरण मांगी है। इनमें से ज्यादातर लोग पंजाब और गुजरात से हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब अमेरिकी कांसुलर अधिकारी इमिग्रेशन नियमों को और भी कड़ाई से लागू करेंगे।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पर्यटक और छात्र वीजा के लिए अब यह साबित करना और भी जरूरी होगा कि आपका मकसद सिर्फ घूमना या पढ़ना है, वहां बसना नहीं। वहीं H-1B और L-1 वीजा धारकों के लिए भी दस्तावेजी प्रक्रिया और कड़ी हो सकती है। कुल मिलाकर, अमेरिका ने इन छोटे से दिखने वाले सवालों के जरिए आवेदकों की सच्चाई और भविष्य के इरादों को परखने का एक मजबूत चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।



