Uttarakhand

हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: घोड़ा-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा अनिवार्य…

उत्तराखंड में होने वाली पवित्र श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 23 मई को धाम के कपाट खुलने से पहले प्रशासन और स्थानीय समितियां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। इसी कड़ी में पुलना गांव में घोड़ा-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा कैंप शुरू कर दिया गया है।

ईको विकास समिति भ्यूंडार के अध्यक्ष प्रवेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले सभी घोड़ा-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इन दोनों दस्तावेजों के किसी भी अश्व का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में घोड़ा-खच्चरों की फिटनेस और सुरक्षा बेहद जरूरी है। पशु चिकित्सालय द्वारा लगाए गए इस कैंप में अश्वों की विस्तृत जांच की जा रही है, वहीं बजाज इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से उनका बीमा भी किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की पशु क्रूरता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अश्व संचालकों और उनके सहायकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पशु कल्याण नियमों का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि चमोली जिला के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित हेमकुंड साहिब, हिंदू और सिख श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिसके चलते यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।इस बार प्रशासन यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पशु हितैषी बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। ईको विकास समिति ने पुलना घाटी के सभी अश्व स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने घोड़ा-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा अवश्य कराएं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

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