
हरिद्वार में कुदरत का कहर
धर्मनगरी हरिद्वार में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में आई भीषण आंधी और तेज हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर के कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर आंधी से हुए नुकसान की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं।
कांगड़ा घाट पर गिरा ऐतिहासिक पुराना पेड़, बाल-बाल बचे लोग
सबसे बड़ा हादसा हरिद्वार के प्रमुख स्थल हरकी पैड़ी के पास स्थित कांगड़ा घाट पर हुआ। यहाँ सालों पुराना एक विशालकाय पेड़ तेज हवाओं के भारी दबाव को सहन नहीं कर पाया और अचानक जड़ से उखड़कर जमीन पर आ गिरा। पेड़ गिरने के दौरान घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे के वक्त पेड़ की चपेट में कोई श्रद्धालु या स्थानीय नागरिक नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इमारत को पहुंचा भारी नुकसान
भले ही इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन संपत्ति का बड़ा नुकसान हुआ है। कांगड़ा घाट पर स्थित एक इमारत इस विशालकाय पेड़ की जद में आ गई। भारी-भरकम तने और शाखाओं के सीधे इमारत पर गिरने से उसका एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
BHEL मेन रोड समेत कई इलाकों में रास्ते बंद
आंधी का असर सिर्फ घाटों तक ही सीमित नहीं रहा। हरिद्वार के व्यस्ततम रूटों में से एक BHEL (भेल) मेन रोड पर भी कई पेड़ और भारी शाखाएं टूटकर सड़क पर गिर गईं। पेड़ गिरने के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमें क्रेन की मदद से सड़कों को साफ करने और बिजली व्यवस्था को बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं।


