
नई दिल्ली: काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर भारतीय चालक दल वाले मालवाहक जहाज ‘एमवी एजीएन रैगनार’ (MV AGN Ragnar) पर हुए हमले के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
पिछले एक सप्ताह के भीतर भारतीय चालक दल वाले व्यावसायिक जहाजों से जुड़ी यह तीसरी गंभीर घटना है, जिसने नई दिल्ली की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ओडेसा बंदरगाह पर क्या हुआ?
भारतीय दूतावास के अनुसार, शनिवार को यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर तैनात मालवाहक जहाज ‘एमवी एजीएन रैगनार’ सैन्य हमले की चपेट में आ गया:
- चार भारतीय थे सवार: इस जहाज पर भारतीय चालक दल के 4 सदस्य मौजूद थे।
- 2 सुरक्षित, 2 की तलाश जारी: हमले के बाद दूतावास ने पुष्टि की कि 2 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लापता 2 अन्य नाविकों (जिनमें बरेली के दीपक कुमार भी शामिल हैं) की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पिछले एक सप्ताह में बढ़ा खतरा
2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर का समुद्री व्यापारिक मार्ग अत्यधिक जोखिम भरा हो गया है:
| घटना की तिथि / स्थान | जहाज का नाम | प्रभावित भारतीय नाविक | भारत सरकार का एक्शन |
| 18 जुलाई के बाद | – | 1 भारतीय नाविक की मौत | कूटनीतिक विरोध दर्ज |
| बीते सप्ताह | एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) | 4 भारतीय नाविकों की मौत (रूसी हमले में) | रूस के कार्यवाहक राजदूत व्लादिमीर लादानोव को तलब किया गया |
| 25 जुलाई (शनिवार) | एमवी एजीएन रैगनार (ओडेसा) | 2 सुरक्षित, 2 लापता | यूक्रेन के राजदूत डॉ. पोलिशचुक को तलब किया गया |
विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
लगातार हो रहे हमलों के बाद रविवार को विदेश मंत्रालय ने संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों और नाविकों के लिए सुरक्षा परामर्श (Advisory) जारी किया:
- जोखिम मूल्यांकन का निर्देश: एडवाइजरी में कहा गया है कि युद्धग्रस्त या उच्च जोखिम वाले समुद्री मार्गों पर जाने से पहले नाविक सुरक्षा जोखिमों का पूरा आकलन करें।
- सुरक्षा सर्वोपरि: भारत सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि दुनिया के किसी भी कोने में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



