
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारत के इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ₹1800 करोड़ की IVFRT (Immigration, Visa and Foreigners Registration & Tracking) योजना को मंजूरी दे दी है, जो देश के वीज़ा और इमिग्रेशन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक बनाएगी।
यह महत्वाकांक्षी योजना 2026 से 2031 के बीच लागू की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, जिससे देश में आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
क्या है IVFRT योजना?
IVFRT एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो वीज़ा जारी करने, विदेशियों के रजिस्ट्रेशन और उनकी गतिविधियों की ट्रैकिंग को आसान और प्रभावी बनाएगा। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय भी सुनिश्चित होगा।
योजना के प्रमुख फायदे
सुरक्षा में बड़ा सुधार
नई प्रणाली के जरिए देश की सीमाओं पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तेजी से हो सकेगी।
तेज और आसान प्रोसेस
वीज़ा और इमिग्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
स्मार्ट डेटा मैनेजमेंट
डेटा का केंद्रीकृत और स्मार्ट उपयोग होगा, जिससे निर्णय लेने में तेजी और सटीकता आएगी।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
- एयरपोर्ट पर तेज इमिग्रेशन क्लियरेंस
- ऑनलाइन और आसान वीज़ा प्रोसेस
- कम कागजी कार्रवाई
- बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव


