National

बंगाल में नए युग की शुरुआत: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट के 6 फैसले…


पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक बाद सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक बुलाई और इसमें ‘डबल इंजन’ सरकार की रफ्तार का अहसास कराते हुए 6 ऐसे बड़े फैसले लिए हैं, जो न केवल प्रशासनिक सुधार से जुड़े हैं, बल्कि सीधे तौर पर आम जनता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सरकार बंगाल की जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी और संघर्ष के दिनों को पीछे छोड़कर अब विकास और न्याय की राह पर आगे बढ़ेगी।

कैबिनेट के 6 गेम-चेंजर फैसले: विस्तार से समझें

राष्ट्रीय सुरक्षा: BSF को 45 दिनों में मिलेगी जमीन
सीमा सुरक्षा को लेकर पिछली सरकारों और केंद्र के बीच जो तनातनी रहती थी, उसे सुवेंदु सरकार ने खत्म कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तारबंदी (बाड़ लगाने) के काम को पूरा करने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए 45 दिनों की सख्त समय सीमा तय की गई है, ताकि घुसपैठ और तस्करी पर लगाम कसी जा सके।

स्वास्थ्य क्रांति: आयुष्मान भारत का आगाज
बंगाल के करोड़ों लोगों के लिए यह सबसे बड़ी राहत की खबर है। अब राज्य में केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत योजना’ और ‘जन आरोग्य योजना’ लागू होगी। इससे बंगाल के गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा, जिससे वे अब तक वंचित थे।

सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा की छूट
युवाओं के लिए बड़ा तोहफा देते हुए कैबिनेट ने सरकारी नौकरी के लिए उम्र सीमा को 5 साल बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह उन युवाओं के लिए संजीवनी जैसा है जो पिछले कुछ सालों में भर्ती परीक्षाओं के अभाव में ओवर-एज हो रहे थे।

विस्थापितों और पीड़ितों को न्याय
शरणार्थी अधिकार: विस्थापितों और शरणार्थियों को भूमि का मालिकाना हक देने का निर्णय लिया गया है। अत्याचार पीड़ितों की सुरक्षा: राजनीतिक हिंसा या अन्य अत्याचारों के शिकार परिवारों की पूरी जिम्मेदारी अब राज्य सरकार उठाएगी। साथ ही, संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले 321 लोगों के मामलों की जांच का विकल्प भी परिवारों को दिया गया है।

प्रशासनिक सुधार: IAS/IPS अधिकारियों की केंद्र में ट्रेनिंग
प्रशासन को अधिक कुशल और आधुनिक बनाने के लिए अब बंगाल कैडर के अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में भेजा जाएगा। पिछली सरकार ने इस पर रोक लगा रखी थी, लेकिन अब अधिकारियों को नेशनल और स्टेट कैडर के तालमेल के साथ काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) को मंजूरी
कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कैबिनेट ने राज्य में नई ‘भारतीय न्याय संहिता’ को लागू करने पर अपनी मुहर लगा दी है।


मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार ‘बदला नहीं, बदलाव’ की राजनीति पर चलेगी। इन 6 फैसलों से यह साफ है कि आने वाले समय में बंगाल में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा, जिसका सीधा लाभ जनता को मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button