
आगामी कांवड़ यात्रा और महाकुंभ मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस विभाग ने अभी से अपनी कमर कस ली है। मेले के दौरान यातायात प्रबंधन को दुरुस्त रखने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसरत शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को गढ़वाल रेंज के आईजी (IG) राजीव स्वरूप ने इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, यातायात को सुगम बनाना और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
पुलिस और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने रेंज के सभी पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय औद्योगिक इकाइयों और उनके संघों के साथ लगातार संपर्क में रहें और एक बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित करें। सुगम आवागमन: मेले के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ होने की संभावना को देखते हुए ऐसा प्लान तैयार किया जा रहा है जिससे आम जनता को परेशानी न हो और साथ ही फैक्ट्रियों के मालवाहक वाहनों (कमर्शियल ट्रकों) का आवागमन भी बिना किसी बाधा के चलता रहे। औद्योगिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अराजकता को रोकने के लिए पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
क्षण औद्योगिक क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के लिए सख्त गाइडलाइंस
बैठक में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा। आईजी ने औद्योगिक संस्थानों में काम करने वाली महिलाओं को एक सुरक्षित माहौल देने के लिए कड़े नियम लागू करने को कहा है।
मुख्य दिशा-निर्देश:
सुरक्षित नाइट शिफ्ट परिवहन: रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए कंपनियों को सुरक्षित और सत्यापित परिवहन (कैब/बस सुविधा) मुहैया करानी होगी।कार्यस्थल पर सुरक्षा मानक: फैक्ट्रियों और दफ्तरों के भीतर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सभी कानूनी मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
श्रमिक सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए श्रमिक सत्यापन (Workers Verification) अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियों में काम करने वाले सभी बाहरी और स्थानीय श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्वों पर पहले ही लगाम लगाई जा सके। थाना स्तर पर पुलिस को सक्रिय करते हुए आईजी ने निर्देश दिए कि संबंधित थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों के औद्योगिक संस्थानों में जाकर समय-समय पर महिला जागरूकता शिविर आयोजित करे।
इन शिविरों के माध्यम से महिला कर्मचारियों को:
उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
आपातकालीन सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।
विभिन्न सरकारी और पुलिस हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 112, वुमन हेल्पलाइन आदि) के बारे में बताया जाएगा ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में बिना झिझक या डर के मदद ले सकें। पुलिस प्रशासन का यह कदम आगामी बड़े धार्मिक आयोजनों (कांवड़ और कुंभ) के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित रखने और स्थानीय निवासियों को एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करने में बेहद कारगर साबित होगा।



