
तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। सुपरस्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कागजम (TVK) के सत्ता के शिखर तक पहुँचने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अपनी पहली ही चुनावी जंग में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK को अब अन्य प्रमुख दलों का भी साथ मिल गया है, जिससे चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर समर्थकों का सैलाब जश्न में डूबा हुआ है।
विपक्ष का मिला भारी समर्थन
सत्ता के समीकरणों को सुलझाते हुए CPI, CPI(M), VCK और कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने सबसे पहले विजय की पार्टी को समर्थन देने का हाथ आगे बढ़ाया था। इन दलों के एकजुट होने से TVK अब बहुमत के जादुई आंकड़े को पार करती दिख रही है।
बहुमत का गणित और ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’
सीटों का गणित: चुनाव में TVK ने 108 सीटें हासिल की हैं, जो बहुमत (118) से केवल 10 सीटें कम थीं।
कांग्रेस का साथ: गुरुवार को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी दूरी बनी हुई थी, लेकिन अब अन्य दलों के आने से स्थिति मजबूत है।
सियासी हलचल: पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में AIADMK नेताओं और TVK के बीच गठबंधन और समर्थन को लेकर गहन चर्चा जारी है, जिसने राज्य के सियासी पारे को और बढ़ा दिया है।
राज्यपाल से तीसरी और निर्णायक मुलाकात
थलापति विजय आज थोड़ी देर में राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं। यह उनकी तीसरी मुलाकात होगी; इससे पहले बुधवार और गुरुवार को हुई बैठकें किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकी थीं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार विजय औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।
पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर सबसे बड़ी पार्टी बनना और फिर गठबंधन की राजनीति में धुरी बन जाना, थलापति विजय के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।



