
ईरानी अभिनेत्री मंदाना करीमी, जो पिछले डेढ़ दशक से भारत को अपना घर मानती आई थीं, अब देश छोड़कर जा चुकी हैं। उनके इस अचानक फैसले ने सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों को हैरान और भावुक कर दिया है।
इंस्टाग्राम पर एक ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान एयरपोर्ट से एक वीडियो साझा करते हुए मंदाना ने भारत को अलविदा कहा। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का “सबसे कठिन फैसला” बताया। हालांकि उन्होंने यह राज ही रखा है कि उनकी अगली मंजिल क्या होगी, लेकिन उनके शब्दों में एक नई शुरुआत की तड़प और अपनों को पीछे छोड़ने का दर्द साफ झलक रहा था।
सुरक्षा और धमकियों का साया
मंदाना का यह फैसला रातों-रात लिया गया कोई निर्णय नहीं है। ईरान की कट्टरपंथी व्यवस्था और खुमैनी शासन के खिलाफ मुखर होने के कारण वे लंबे समय से निशाने पर थीं।
एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया था कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ये धमकियां गंभीर हैं, तो उनका जवाब था— “हमेशा।” अपने देश और वहां के लोगों के हक में आवाज उठाने की कीमत उन्हें अपनी सुरक्षा और शांति खोकर चुकानी पड़ रही थी।
तन्हाई और टूटा हुआ भरोसा
मंदाना ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि जिस देश को उन्होंने अपना दूसरा घर समझा, वहां इस मुश्किल वक्त में उन्हें वह साथ नहीं मिला जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। अभिनेत्री के अनुसार:
न तो करीबियों और दोस्तों का सहारा मिला।
न ही सरकार या मीडिया से वह सुरक्षात्मक समर्थन मिला जो एक कलाकार को मिलना चाहिए था।
यही वजह है कि मंदाना को अब भारत में वह सहजता और अपनापन महसूस होना बंद हो गया था, जो कभी उन्हें यहाँ खींच लाया था।
संघर्ष पर कोई पछतावा नहीं
इतनी चुनौतियों के बावजूद मंदाना के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह अपने देश और वहां के मजलूमों के लिए किया। उन्होंने कहा, “अगर मुझे दोबारा मौका मिले, तो बिना किसी के साथ के भी मैं यही रास्ता चुनूंगी।”
मंदाना करीमी का जाना सिर्फ एक अभिनेत्री का देश छोड़ना नहीं है, बल्कि एक ऐसी आवाज का खामोश होना भी है जिसने अकेले दम पर अपनी जड़ों के लिए लड़ाई लड़ी। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं, लेकिन एक टीस सबके मन में है— कि एक कलाकार को अपना घर सुरक्षा की कमी के कारण छोड़ना पड़ा।


