
तिरुवनंतपुरम: सार्वजनिक प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर कड़ा अंकुश लगाने के उद्देश्य से केरल मंत्रिमंडल ने बुधवार को पांच बड़े शासन सुधारों को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद इन ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई।
इन सुधारों के जरिए राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के ब्योरे और विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक एकीकृत, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा ‘SAMPATH’ प्लेटफॉर्म
कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई पहली प्रमुख पहल संपत (SAMPATH – Special Asset Management Platform for Administration, Tracking and Harmonisation) है।
- केंद्रीकृत डेटाबेस: यह एक विशेष सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जिस पर राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सभी सरकारी संपत्तियों का पूरा विवरण दर्ज रहेगा।
- क्या-क्या होगा शामिल? इसके अंतर्गत सरकारी भूमि, भवन, विरासत संरचनाएं, सड़कें, बांध, पुल, सरकारी वाहन और भारी मशीनरी जैसी सभी चल-अचल संपत्तियों का डिजिटल ब्योरा सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और संपत्तियों के नुकसान को रोका जा सके।
परियोजनाओं पर पैनी नजर रखेगा ‘PlanSpace 2.0’
दूसरा बड़ा प्रशासनिक सुधार PlanSpace 2.0 का विकास है, जो एक अत्याधुनिक जीआईएस-सक्षम (GIS-Enabled) प्रोजेक्ट रजिस्ट्री के रूप में काम करेगा:
- जियो-टैगिंग से निगरानी: विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत सभी पूंजीगत और विकास परियोजनाओं की डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: हर प्रोजेक्ट का स्थान, कार्यान्वयन एजेंसी, मंजूरी देने वाला प्राधिकरण, फंडिंग का जरिया और निर्माण के चरण (Construction Stage) की वास्तविक समय में निगरानी हो सकेगी।
खजाने के नुकसान पर लगेगा लगाम
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का मुख्य मकसद वर्षों से चली आ रही उन अनियमितताओं और लीकेज को खत्म करना है, जिनसे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचता था। ई-गवर्नेंस के इस ‘डिजिटल कवच’ से सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होगी।



