Uttarakhand

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विधानसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हो गई है। समान नागरिक संहिता विधेयक पर सदन में चर्चा की जा रही है। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन में बता रहे हैं कि आखिर क्यों प्रदेश में यूसीसी लागू करने की जरुरत पड़ी।

प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यूसीसी का उत्तराखंड में लाने के लिए दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा आज सभी धर्म के लोग यूसीसी के आने पर खुश हैं। अग्रवाल ने कहा यूसीसी के लागू होने के बाद महिलाओं को समानता का अधिकार मिलेगा। इस बीच विपक्ष ने सदन में अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र किया।

CIVIL CODE BILL

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इतने बड़े बिल को पड़ने के लिए मात्र दो घंटे का समय दिया गया जो की बेहद ही कम था। इतनी कम अवधि में बिल का अध्ययन कर पाना संभव नहीं है। यशपाल आर्य ने विधेयक को पढ़ने के लिए समय की मांग की ताकि ठीक तरह से विपक्ष के विधायक बिल को पढ़ सके।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की तरफ से ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए कांग्रेस से कोई सुझाव नहीं मांगे गया। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि एक तरफ सरकार कह रहीं है कि महिलाओं के अधिकारों को मजबूत किया गया है। दूसरी तरफ सरकार ने जनजाति की महिलाओं के अधिकारों को क्यों मजबूत नही करना चाहती है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यूसीसी के लिए जो कमेटी बनाई गई थी उसमें धर्म गुरुओं को भी जगह मिलनी चाहिए थी। जब केंद्र सरकार यूसीसी को लागू करने की बात कर रहीं थी तो प्रदेश सरकार क्यों इसको लेकर आ रही है। इंदिरा गांधी ने खुद यूसीसी को लाने की बात कही थी।यशपाल आर्य ने सदन में सावाल किया कि यदि प्रदेश का कोई व्यक्ति दूसरे प्रदेश की महिला से शादी करता है तो फिर उस महिला पर कौन सा कानून लागू होगा। कांग्रेस के सभी विधायकों ने मांग की है कि यूसीसी बिल में जो खामियां हैं उसमें सुधार के लिए प्रवर समिति के अधीन किया जाए।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सदा में कहा कि यूसीसी बिल लागू होने के बाद महिलाओं के अधिकार और सुरक्षित होंगे। भविष्य में किसी भी महिला को ये नही लगेगा कि उसके अधिकार सुरक्षित नहीं है। देवभूमि में देवियों की पूजा होती है और देव भूमि से ही महिलाओं के अधिकारों को और मजबूती वाला बिल पास होने जा रहा है।

डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जो आरोप लगाए हैं वो गलत हैं। विशेषज्ञ समिति की ओर से प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को पत्र लिखकर सुझावों के लिए आमंत्रित किया गया था। कांग्रेस केवल इस तरह के बयान देकर यूसीसी लागू करने के लिए अड़चने डाल रही है। धन सिंह रावत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो काम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नहीं कर पाई वो काम हमारे मुख्यमंत्री धामी कर रहे हैं।

धन सिंह रावत ने विपक्ष पर विरोधाभास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यूसीसी के प्रावधान गिनाते हुए कहा कि इसके अंतर्गत विवाह के 30 दिन बाद विवाह के लिए पंजीकरण कराना जरुरी है। इसके साथ ही बेटा और बेटी का संपत्ति में समान अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण को शामिल किया गया है। इसमें सभी वर्ग के लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखा गया है।

हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि समय की समय की अवधि और बिल की भाषा सरल न होने के चलते हम बिल का अध्ययन नहीं कर पाए। सरकार की ओर से बिल की पुस्तिका का अध्ययन करने के लिए विपक्ष को पहले देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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