
चारधाम यात्रा पर जाने वाले और बाबा केदार के दर्शनों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) जून के पहले सप्ताह में हेली सेवा बुकिंग के लिए अगला स्लॉट खोलने की तैयारी कर रहा है। इस नए स्लॉट के खुलने से श्रद्धालु 15 जून और उसके बाद की तय तारीखों के लिए अपने टिकटों की एडवांस बुकिंग कर सकेंगे।
15 जून तक की बुकिंग फुल, 8 कंपनियां दे रही हैं सेवाएं
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. आशीष चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केदारनाथ यात्रा के तीनों मुख्य सेक्टरों में कुल 8 अधिकृत हेलीकॉप्टर कंपनियां लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं। यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए 15 जून तक के सभी टिकट पहले ही बुक हो चुके हैं। आगामी स्लॉट के तहत कितने टिकट जारी किए जाने हैं और उड़ानों की दैनिक क्षमता क्या रहेगी, इसका पूरा खाका और तकनीकी आकलन अंतिम चरण में है।
कालाबाजारी पर लगाम: 90% टिकटों की होगी ऑनलाइन बुकिंग
हेली सेवा टिकटों की बिक्री में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दलाली या कालाबाजारी की गुंजाइश को खत्म करने के लिए यूकाडा ने बेहद सख्त और स्पष्ट व्यवस्था बनाई है। डॉ. चौहान ने साफ किया कि कुल उपलब्ध टिकटों में से 90 प्रतिशत टिकट केवल और केवल ऑनलाइन माध्यम से ही बुक किए जा रहे हैं। बाकी बचे 10 प्रतिशत टिकट ही ऑफलाइन यानी काउंटर (विंडोज) के जरिए आपातकालीन परिस्थितियों या मौके पर मौजूद यात्रियों के लिए आवंटित किए जा रहे हैं।
मौसम के मिजाज को देखकर ही लिया जाएगा अंतिम फैसला
पहाड़ों में लगातार बदलते और अनिश्चित मौसम को देखते हुए इस बार यूकाडा बेहद सतर्कता बरत रहा है। जल्दबाजी में बुकिंग खोलकर यात्रियों को परेशानी में डालने के बजाय, इस बार फूंक-फूंक कर कदम रखे जा रहे हैं।
सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि:
“माननीय मुख्यमंत्री और सचिव महोदय के सख्त निर्देश हैं कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हम मौसम वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों (Weather Experts) से लगातार पल-पल का इनपुट ले रहे हैं। मौसम के मिजाज और आगामी पूर्वानुमानों की पूरी समीक्षा करने के बाद ही अगले स्लॉट की बुकिंग को लाइव किया जाएगा, ताकि खराब मौसम के कारण उड़ानों के रद्द होने पर यात्रियों को किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी न झेलनी पड़े।”



