Uttarakhand

ITI में बढ़ेगी छात्र संख्या, टीवीएस कंपनी के साथ खुलेगा ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’…

कौशल विकास मंत्री ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
उत्तराखंड के कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की स्थिति को सुधारना, वहां सुविधाओं का विस्तार करना और छात्र संख्या में बढ़ोतरी करना था। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियों को समय से पूरा कर लिया जाए।

युवाओं तक योजनाओं को पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा: “आगामी भर्ती सत्र को देखते हुए कौशल विकास विभाग की सभी जनकल्याणकारी और रोजगारपरक योजनाओं का धरातल पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इससे प्रदेश के अधिक से अधिक छात्र विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और तकनीकी रूप से दक्ष होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।”

देहरादून, श्रीनगर और अल्मोड़ा में खुलेंगे ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’
उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए सरकार लगातार निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर रही है। इसी कड़ी में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने घोषणा की कि प्रदेश के तीन प्रमुख आईटीआई संस्थानों—देहरादून (निरंजनपुर), श्रीनगर और अल्मोड़ा में जल्द ही प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल कंपनी टीवीएस (TVS) के सहयोग से ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। इससे छात्रों को आधुनिक मशीनों और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर काम करने का अनुभव मिलेगा।

DST मॉडल का दायरा बढ़ा: अब 32 के बजाय 45 आईटीआई में मिलेगी ऑन-जॉब ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के ‘कौशल से रोजगार’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विभाग ने ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (DST) मॉडल के विस्तार का निर्णय लिया है। क्या है DST मॉडल? इस मॉडल के तहत छात्र 6 महीने अपने संबंधित आईटीआई संस्थान में थ्योरी और बेसिक प्रैक्टिकल सीखते हैं, और बाकी के 6 महीने सीधे नामी कंपनियों में जाकर लाइव प्रोजेक्ट्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण (On-Job Training) प्राप्त करते हैं। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 32 आईटीआई इस मॉडल पर चल रहे थे, जिनकी संख्या को अब बढ़ाकर 45 किया जा रहा है। इससे युवाओं के लिए पढ़ाई के दौरान ही प्लेसमेंट की राह आसान होगी।

आईटीआई संस्थानों को मिलेंगे 168 नए प्रशिक्षक (Instructors)
आईटीआई संस्थानों में स्टाफ और फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बैठक में यह जानकारी दी गई कि कौशल विकास और सेवायोजन विभाग जल्द ही प्रदेश के विभिन्न आईटीआई में 168 नए प्रशिक्षकों (ITI Instructors) की तैनाती करने जा रहा है। नए और योग्य प्रशिक्षकों के आने से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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